एरवाकटरा। गांव सुल्तानपुर स्थित श्मशान के पास पानी भरे गड्ढे में शुक्रवार सुबह एक लापता बालक का शव उतराता मिला। वह गुरुवार की दोपहर को मवेशी चराने के लिए घर से निकला था।
सूचना पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। परिजनों ने बालक की हत्या कर शव गड्ढे में फेंके जाने की आशंका जताई है।
सुल्तानपुर गांव निवासी मनोज यादव का बेटा पीयूष कुमार (09) गुरुवार दोपहर तीन बजे अपनी बड़ी बहन रश्मि के साथ मवेशी चराने गया था। मवेशी ऊसर की तरफ जाने लगे तो रश्मि डंडा लेने घर आ गई। लौटने पर उसे पीयूष नहीं मिला। इस पर रश्मि ने सोचा कि वह घर लौट गया होगा।
शाम छह बजे जब रश्मि घर पहुंची, तब पता चला कि पीयूष घर नहीं आया है। इससे चिंतित परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी पर पुलिस ने देर रात तक बालक की तलाश की, मगर कोई सुराग न लगा। बाद में पिता की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की।
शुक्रवार सुबह 5:30 बजे कुछ ग्रामीण खेतों की ओर गए तो श्मशान के पास स्थित ग्राम समाज की जमीन पर बने 20 फीट गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में बालक का शव उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गड्ढे से शव को निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक के चाचा शरद यादव ने बताया कि पीयूष के चेहरे पर चोट के निशान हैं। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। पीयूष तीन भाई व एक बहन में तीसरे नंबर का था। पीयूष के पिता, भाई आयुष और बहन रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल रहा। थानाध्यक्ष जीतमल चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह पता चलेगी। जांच की जा रही है।
मिट्टी खोदे जाने से बने गड्ढे में मिला शव
जिस जगह पर शव मिला वह बरसाती नाला है, मगर जेसीबी मशीन से ग्राम समाज की जमीन पर खोदी गई मिट्टी से 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। जिसमें बरसात का पानी भर गया। अब बरसात के समय तालाब जैसा दिखता है। इसी में बालक का शव उतराता हुआ मिला है।