दिबियापुर (औरैया)। यात्रियों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2024 के माह अगस्त में फफूंद रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट की स्थापना के लिए रेलवे ने आधारशिला रखी थी।
ऐसे में यात्रियों को उम्मीद थी कि अब एक से दूसरे प्लेटफार्म तक आने-जाने के लिए ओवरब्रिज की सीढि़यां नहीं चढ़नी पड़ेगी, लेकिन मियाद पूरी होने के बाद भी लिफ्ट का काम नहीं हुआ।
फफूंद रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुविधा देने के लिए रेलवे ने लिफ्ट लगाने का एलान किया था। रेलवे के मुताबिक पहले चरण में ये लिफ्ट प्लेटफार्म तीन व चार पर लगाई जानी थी। इस पर करीब 40 लाख खर्च होने थे। वर्ष 2024 में अगस्त माह में फफूंद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 3 व 4 पर लिफ्ट स्थापना के लिए रेलवे ने भूमि पूजन किया था।
साथ ही फाउंडेशन तैयार करने के लिए गड्ढे खोदे गए थे। रेलवे के ठेकेदारों ने गड्ढे को पक्का करने के बाद टिन लगाकर बंद कर दिया था। तब से ये कार्य ठप पड़ा है। जबकि रेलवे ने दिसंबर माह 2024 के अंत तक लिफ्ट तैयार करने का दावा किया था। लिफ्ट बनकर तैयार नहीं हो पाई।
ऐसे में दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं को फुट ओवरब्रिज की सीढि़यां चढ़ने में परेशानी हो रही है। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि करीब 40 लाख से लिफ्ट लगाई जानी थी। कांट्रैक्टर ने लिफ्ट लगने का काम किस कारण से बंद किया, पता करवाता हूं।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने की थी मांग
दिबियापुर। दिव्यांगों, बीमारों एवं बुजुर्गों के लिए वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने फफूंद स्टेशन पर रैंपयुक्त ओवरब्रिज व लिफ्ट लगवाने की मांग की है।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के मंत्री रमेश शुक्ला, केके सिंह चौहान का कहना है कि फफूंद रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग, बीमार एवं दिव्यांगों के लिए रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों तक पहुंचना बड़ा ही मुश्किल है।
उन्होंने रेलवे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों तक दिव्यांगों, बुजुर्गों एवं बीमारों को व्हीलचेयर से पहुंचने के लिए रैंपयुक्त ओवरब्रिज व लिफ्ट लगवाएं। (संवाद)