फोटो-13- किसानों को जानकारी देते विशेषज्ञ। स्रोत:ग्रामीण
- फोटो : टूंडला रेलवे स्टेशन पर जम्मू कश्मीर अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए आरक्षण कराते श्रद्धालु संवाद
औरैया। सदर ब्लॉक के गांव मढ़ापुर में एक दिवसीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को रसायन मुक्त खेती, मृदा संरक्षण और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के प्रति जागरूक करना था।
शिविर में पहुंचे कृषि विशेषज्ञ आलोक कुमार और जितेंद्र गुप्ता ने महिला किसानों को प्राकृतिक खेती के बुनियादी सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने जल संरक्षण और मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर देते हुए घनजीवामृत और नीमास्त्र बनाने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी करके दिखाया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन प्राकृतिक उपायों से फसलों को भरपूर पोषण मिलता है और कीट-पतंगों से भी सुरक्षा होती है।
समिति की सचिव रीना पांडेय ने किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय वैज्ञानिक तरीके से उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक खेती, जैविक उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग और सही मार्केटिंग के जरिए किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
शिविर में किसानों ने अपनी समस्या को भी रखा। इस दौरान सभी ने पर्यावरण और मिट्टी को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। शिविर में शिप्रा, विष्णु, अनंत मोहन आदि मौजूद रहीं।