औरैया। एच-1 एन-1 फ्लू के मरीजों के मामले सामने आने के साथ स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। शहर के 50 शैया अस्पताल में एच1 एन1 के संदिग्ध मरीजों के लिए छह बेड तो चिचौली मेडिकल कॉलेज में पांच बेड आरक्षित कर आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने दवाओं, ऑक्सीजन सिलिंडर और मास्क का भी इंतजाम किया है।
स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में हर जरूरी इंतजाम हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एच1एन1 से संबंधित संदिग्ध मरीज आने पर उसे इसी वार्ड में भर्ती कर निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही डॉक्टर और कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि तेज बुखार, खांसी-जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। स्वाइन फ्लू के लक्षण इन्हीं के जैसे होते हैं। समय रहते अस्पताल पहुंचना चाहिए। किसी तरह की लापरवाही जान जोखिम में डालने जैसी हो सकती है।
जिला अस्पताल में 25 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध
स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों को समय से ऑक्सीजन की स्थिति को देखते हुए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। शहर के जिला अस्पताल में कुल 25 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनमें वर्तमान में 15 सिलिंडर भरे हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के पर्याप्त इंतजाम हैं।
स्वाइन फ्लू के ये होते हैं लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना
खांसी और गले में खराश
बदन में दर्द रहना
सिरदर्द और अत्यधिक थकान या कमजोरी
नाक बहना या नाक बंद होना
कुछ मामलों में उल्टी और दस्त (विशेषकर बच्चों में)
सांस लेने में कठिनाई या सांस का तेज चलना
सीने में दर्द या जकड़न
खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना
वर्जन
एच-1 एन-1 के खतरे को देखते हुए अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। ऑक्सीजन सिलिंडर से लेकर अन्य दवाओं का स्टॉक पूरा है।
-डॉ. अनिल गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल