सजग रहकर फाइलेरिया से बच सकते
दो दिन में 2.74 लाख लोगों ने खाई फाइलेरिया की दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। फाइलेरिया एक घातक बीमारी है, जो शरीर को धीरे-धीरे खराब करती है। यही कारण है कि इस बीमारी की जानकारी समय पर नहीं हो पाती है। हालांकि सजगता से फाइलेरिया बीमारी से बचा जा सकता है। 12 मई से शुरू हुए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग 2.74 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया की दवा खिला चुका है।
फाइलेरिया उन्मूलन के नोडल अधिकारी/ एसीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि फाइलेरिया के कोई लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि बुखार, बदन में खुजली और पुरुष के जननांग और उसके आसपास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसील भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। इस बीमारी में हाथ और पैरों में हाथी पांव जैसी सूजन आ जाती है। फाइलेरिया का संक्रमण बचपन में ही आ जाता है, लेकिन कई साल तक इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। फाइलेरिया न सिर्फ व्यक्ति को विकलांग बना देती है, बल्कि इससे मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। फाइलेरिया से बचाव के लिए शुरू हुए अभियान के तहत 12 व 13 मई को दो वर्ष से लेकर 15 वर्ष से अधिक 2,74,762 लोगों को टीम के 1439 सदस्य दवा खिला चुके हैं। 27 मई तक दवा खिलाई जानी है। इस दवा का सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती व गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को छोड़कर सभी को करना है।