ग्राम ऐमा पैगंबर में श्रीमद भागवत कथा की शुरूआत में कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने कलश में पवित्र जल भरकर उसे कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। कलश यात्रा का ग्रामीणों ने स्वागत किया। कथावाचक ने पहले दिन भक्तों को धर्म (न्याय) का महत्व समझाया।
रविवार को वृंदावन से पधारे महाराज सीताराम ने भक्तों को बताया कि राज्य से धर्म का अलग होना अमंगलकारी होता है। उन्होंने कहा कि लंका के राजा रावण ने विभीषण व महाभारत में दुर्योधन ने विधुर रूपी धर्मराज को राज्य सत्ता से हटाया था, जिससे दोनों राजाओं का राज्य समाप्त हो गया है।
इसलिए राज्य हो या घर, सभी स्थानों पर जब तक धर्म रहता है, तभी तक राज्य की सत्ता सुरक्षित रहती है। धर्म के अलग होने से राज्य की सत्ता का सुरक्षित रहना संभव नहीं है।
आचार्य ने कहा कि कलयुग में मनुष्य की उम्र 100 वर्ष बताई गई है। जिसमें 25 वर्ष खेलकूद में, 25 वर्ष निद्रा में, 25 वर्ष बच्चों की परवरिश में तथा शेष 25 वर्ष माया मोह में व्यतीत हो जाते हैं। कथा के दौरान सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।