अयाना। यमुना का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। नदी का पानी गांव से बाहर निकलने लगा है। मगर कीचड़ गांव में छूटने से बदबू व संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं गांवों में जहरीले कीटों के आने से ग्रामीणों को खतरा बढ़ा है।
किसी के घर में जहरीला सांप निकल रहा है तो कहीं विषखापर और अन्य जहरीले कीड़े निकल रहे। इसके अलावा लोमड़ी व सियार के गांवों के करीब आ जाने से खतरा बढ़ा है।
उधर, लोगों को बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों से बचाने के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीमें बाढ़ प्रभावित गांव बीझलपुर, फरिहा, बड़ी गूंज, असेवा, असेवटा, जुहीखा आदि में शिविर लगाकर दवाइयां बांट रहीं हैं। लोगों को जहरीले कीड़ों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
इधर, भीखेपुर- जुहीखा मार्ग से पानी उतर जाने से जिले के बीहड़ा का दोबारा से जनपद जालौन से संपर्क जुड़ गया है। पुलिस की ओर से लगाए गए बैरियर हटाने के बाद से लोगों से आवागमन शुरू कर दिया है।
सुरक्षा के लिहाज से थानाध्यक्ष अजय कुमार ने पुल के पास पुलिस तैनात कर दी है। अजीतमल एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। जलस्तर और भी कम होने की संभावना है।