जिलाधिकारी ने बैठक से अनुपस्थित रहने पर आधा दर्जन विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। वहीं कई अधिकारियों को कार्य में लापरवाही पर चेतावनी दी। कहा कि अधूरे विकास निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा कर पूरा कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के भवनों का निर्माण समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने शनिवार को विकास कार्यों की बैठक में कहा कि निर्माण इकाइयों की लापरवाही से कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य समयावधि से अधिक समय से निर्माणाधीन पड़े हैं। छोटी कमियों के कारण कुछ कार्यों को पूर्ण होने के बावजूद संबंधित विभाग को हस्तांतरित नहीं किया जा सका है।
स्वास्थ्य विभाग के भवनों में छोटी-छोटी कमियों की वजह से अभी कार्य अधूरा पड़ा है। निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय में ओपीडी अभी नहीं शुरू हो पाई है। उन्होंने संबंधित निर्माण इकाइयों से अतिरिक्त श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।
कहा कि जिला चिकित्सालय में आंतरिक सड़कों का निर्माण, मशीन की स्थापना तथा अन्य कार्य शीघ्र पूरा कराए जाएं।
उन्होंने बैठक में समाज कल्याण निर्माण निगम, उप्र निर्माण निगम, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, जलनिगम, तथा अन्य कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को सचेत किया कि भूमि विवाद तथा अन्य छोटे-छोटे विवाद स्थानीय स्तर पर हल कराए जाने चाहिए।
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स के निरीक्षण में पाई गई खामियों को एक सप्ताह के अंदर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सत्येंद्र नाथ चौधरी, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार दुबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।