औरैया। सेहुद मौजा में छह एकड़ जमीन के एक भूमिधर असामी की मौत हो गई थी। इस पर कोई वारिस नहीं था। तब से भूमाफिया व अन्य लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए इस जमीन को हथियाने के लिए नजरें गड़ाए थे।
इसमें वरासत खारिज होने के आदेश के बाद अब जमीन ग्राम सभा में दर्ज की जाएगी। इसकी कीमत तकरीबन आठ करोड़ है। सेहुद मौजा में अलग-अलग गाटों में बूढ़ादाना निवासी मुंशीलाल के नाम कुल छह एकड़ जमीन दर्ज है।
सालों पहले मुंशीलाल की मौत भी हो चुकी है। सदर तहसीलदार कोर्ट में एक विरासत के वाद की सुनवाई में यह मामला सामने आया था। वाद की सुनवाई के दौरान 11 जुलाई 2023 को विरासत को खारिज कर दिया गया था।
इस मामले में राजस्व निरीक्षक व क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से जांच के बाद आख्या भी दी गई। जिसमें सामने आया कि मुंशीलाल के वारिस ही नहीं हैं। बिना वारिस भूमिधर असामी की मौत के बाद इस जमीन को राजस्व संहिता की धारा-115 के तहत राज्यगामी भूमि (ग्राम सभा) में दर्ज कराने की तैयारी बनाई गई है।
मामले को लेकर तहसीलदार सदर रणवीर सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर जमीन ग्राम सभा में दर्ज कराने की मांग की है। बता दें कि सेहुद की बेशकीमती जमीनों पर भूमाफिया नजर गढ़ाए हुए हैं। इस जमीन पर भी उनकी नजर थी। समय रहते तहसील प्रशासन ने इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
सेहुद मौजा में छह एकड़ जमीन को ग्राम सभा में दर्ज कराने के लिए डीएम से मांग की गई है। भूमाफिया की इस जमीन पर नजर थी। सर्किल रेट अनुसार इस जमीन की कीमत आठ करोड़ आंकी गई है।-रणवीर सिंह, तहसीलदार सदर