ओपीडी में लगी मरीजों की कतार।
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औरैया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत पदों 19 हैं, जिसमें नौ पद खाली हैं। ऐसे में इमरजेंसी व ओपीडी संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजीशियन और डेंटल सर्जन नहीं होने पर मरीजों को प्राइवेट या फिर इटावा और कानपुर का रुख करना पड़ रहा है।
शहर व आसपास के गांवों की लाखों की आबादी 50 शैया जिला अस्पताल पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निर्भर है। यहां की ओपीडी रोजाना 500-600 के बीच रहती है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) के तीन पद स्वीकृत हैं। तीनों पद रिक्त हैं। ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को तीन शिफ्ट में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा को बहाल रखना पड़ रहा है। ऐसे में सात अन्य डॉक्टर ओपीडी में बारी-बारी ड्यूटी दे रहे हैं।
ईएनटी डॉ. मनोज कुमार, आई सर्जन डॉ. राम प्रकाश राजपूत, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता सागर व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार समेत सात अन्य डॉक्टर ओपीडी में शामिल हैं। यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ, डेंटल सर्जन, जनरल सर्जन, जनरल फिजीशियन खाली हैं। आने वाले संबंधित मरीजों को चिचौली मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के नौ रिक्त पदों के चलते काफी कुछ स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं।
डॉक्टरों की कमी के चलते काफी कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। ईएमओ व अन्य जरूरी डाक्टरों समेत नौ तैनाती होनी हैं। इसे लेकर लगातार शासन को पत्राचार किया जा रहा है।
-डॉ. मंजू सचान, सीएमएस, 50 शैया जिला अस्पताल