वर्षों से यमुना शेरगढ़ घाट पर फैली गंदगी को साफ कराने में संबंधित विभाग की अनदेखी के बाद अब बुद्धिजीवियों ने विचित्र पहल शुरू कर दी है। यमुना परिसर को गंदगी मुक्त कराने के लिए शुरू किए गए इस अभियान में अब सामाजिक संस्थाओं ने हाथ बंटाना शुरू कर दिया है।
रविवार सुबह बुद्धिजीवियों के साथ सामाजिक संस्था जायंट्स ने सफाई अभियान में अपना योगदान दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट के प्रयासों से यमुना नदी स्थित शेरगढ़ घाट पर फैली गंदगी को साफ करने का बीड़ा उठाया गया। रविवार को इस कड़ी में सामाजिक संस्था जायंट्स के पदाधिकारियों ने यमुना शेरगढ़ घाट पर सफाई अभियान चलाया।
घाट पर अंतिम संस्कार के बाद पड़ी गंदगी को एकत्रित करके आग के हवाले किया गया। साथ ही पूरे परिसर की सफाई की गई। इस मौके पर जायंट्स अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव के साथ संस्था के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
मनोरमा महाविद्यालय के प्रबंधक रमाकांत अवस्थी ने कहा कि घाट की सफाई की जिम्मेदारी सिर्फ समाज सेवी संगठनों की ही नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की है।
कहा कि अंतिम संस्कार में घाट पर पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वहां की सफाई करके ही वापस आना चाहिए। अभियान के दौरान पुष्पेंद्र एडवोकेट, अरविंद गहोई, डा. मनोज चौरसिया, आनंद पोरवाल, अनुज धनगर, भीमसेन सक्सेना, अनिल गुप्ता, गुरमीत कालरा, रोहित अग्रवाल, नवनीत पुरवार, अनूप सक्सेना आदि लोग शामिल रहे।