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Auraiya News: चुनाव में प्रत्याशी का चयन कक्षा के माॅनीटर को चुनने जैसा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। लोकतंत्र व्यवस्था में चुनाव की अहमियत समझाने के लिए महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा ने स्नातक के छात्र-छात्राओं को उनके ही अंदाज में जागरूक किया। कहा कि जिस तरह से कक्षा के संचालन को लेकर छात्र-छात्राएं अपने माॅनीटर को चुनते हैं, ठीक उसी तरह से चुनाव में अपने प्रत्याशी को चुनना होता है।
उन्होंने बताया कि यह चयन आगे के दिनों में निर्धारित समय के लिए देश-प्रदेश की संचालन व्यवस्था को संभालने के लिए होता है। प्रत्याशी का सही चुनाव मतदान के समय लोकतंत्र को मजबूती देता है।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को तिलक महाविद्यालय के इंद्रा हॉल में अपराजिता कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 100 से ज्यादा छात्राओं को लोकतंत्र के महापर्व मतदान के संबंध में जागरूक किया गया। इसमें ज्यादा से ज्यादा मतदान व महिलाओं के स्वावलंबन को लेकर मताधिकार की महत्ता समझाई गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने बच्चों को होली का जश्न मनाने के साथ-साथ मतदान को लेकर परिजनों से लेकर आसपास के लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करने को कहा। वहीं इसी क्रम में महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा ने छात्राओं से संवाद किया। कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र विचार के साथ मतदान में भागीदार होना चाहिए। रूप से कहीं ज्यादा विचार व व्यक्तित्व सुंदरता के मानक होते हैं।
इन पर खरा उतरने का प्रयास होना चाहिए। बाल सरंक्षण अधिकारी रीना चौहान ने कहा कि महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ी है। मतदान में भी महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग कर निर्णायक की भूमिका निभाएं। प्रोफेसर डॉ. सियाराम ने मंच का संचालन करते हुए 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी छात्राओं से संवाद किया। वहीं कार्यक्रम में महाविद्यालय की समाजशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. अनीता परिहार ने कहा कि अपराजिता का मतलब जो कभी हार न माने।
महिलाएं जब-जब किसी भी क्षेत्र में अपना कौशल दिखाती हैं, वह हार नहीं मानती। मापदंडों पर खरी उतरती हैं। व्यक्तित्व निर्माण के लिए शिक्षा अहम है। लोकतंत्र में एक-एक वोट का महत्व होता है। भविष्य की दिशा व दशा मतदान से निर्धारित होती है। इस मौके पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से साक्षी, एकता श्रीवास्तव व राखी ने छात्राओं के समक्ष विचार रखे।

छात्राओं ने रखे सवाल, अतिथि अधिकारियों ने दिए जवाब
अगर वोट नहीं डालेंगे तो क्या फर्क पड़ेगा
फोटो22एयूआरपी 23- वंशिका त्रिपाठी
बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा वंशिका त्रिपाठी ने पूछा कि अगर हम वोट नहीं डालेंगे तो क्या फर्क पड़ेगा। जवाब में प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने बताया कि मतदान में एक-एक वोट का महत्व होता है। हमारी उत्सुकता दूसरों को भी प्रभावित करती है। सही प्रत्याशी का चयन हम निष्ठा से मताधिकार का प्रयोग करने के बाद कर पाते हैं।

प्रत्याशी चुनने में उसकी क्या योग्यता देखनी चाहिए
फोटो-22एयूआरपी 24- आयुषी अवस्थी। संवाद
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा आयुषी अवस्थी ने पूछा कि हम प्रत्याशी चुनने के दौरान उसकी क्या योग्यता देखनी चाहिए। जवाब में डॉ. अनीता परिहार ने बताया कि जो प्रत्याशी हमारे मानकों को पूरा करता हो। हमारे विचार, योजना व प्रगति के बारे में ध्यान दे। प्रत्याशी का व्यक्तित्व भी चुनाव का एक अहम निर्णय बनता है।

हमें मतदान क्यों करने चाहिए
फोटो-22एयूआरपी 25- शिवानी यादव। संवाद
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा शिवानी यादव ने पूछा कि हमें मतदान क्यों करना चाहिए। जवाब में महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान जरूरी है। भविष्य की दिशा व दशा इसी से निर्धारित होती है।
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प्रत्याशी के बारे में पूरी व सटीक जानकारी कैसे मिलेगी
फोटो-22एयूआरपी 26- साक्षी पोरवाल। संवाद
बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा साक्षी पोरवाल ने पूछा कि प्रत्याशी के बारे में पूरी व सटीक जानकारी कैसे मिलेगी। चुनाव में सभी जनता के हित में बात करते हैं। जवाब में बाल संरक्षण अधिकारी रीना चौहान ने बताया कि नो योर कैंडीडेट एप पर प्रत्याशियों का पूरा ब्योरा रहता है। इससे प्रत्याशी के बारे में पता कर चयन कर सकते हैं।
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