जिले की तीनों विधान सभाओं में हुए चुनाव में इस बार 32 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। लेकिन वोटरों ने सपा, बसपा व भाजपा में ही दिलचस्पी दिखाई। इसके चलते 24 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
जिले में हुए विधान सभा चुनाव में विभिन्न दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों सहित कुल 32 उम्मीदवार मैदान में आखिरी तक डटे रहे। चुनाव प्रचार में सभी अपनी-अपनी दावेदारी पक्की करते दिखाई दिए। लेकिन लोगों ने इस बार सभी को दर किनार करते हुए सिर्फ भाजपा, सपा व बसपा प्रत्याशियों में दिलचस्पी दिखाई। परिणाम स्वरुप 10 प्रत्याशियों के बीच घमासान रहा। वहीं 24 की जमानत तक जब्त हो गई। इनमें से अधिकांश तो ऐसे रहे जो एक हजार का आंकड़ा भी नहीं छू पाए।
इन प्रत्याशियों की स्थिति पर नजर डाले तो बिधूना विधान सभा में आठ प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें पांच की जमानत जब्त हो गई। इनमें देश शक्ति पार्टी के उमाकांत 964, जन अधिकार पार्टी लक्ष्मण कुमार 346, जन अधिकार मंच संजीव कुमार शाक्य 1147, निर्दलीय कृष्णवीर सिंह 688, निर्दलीय राधा कृष्ण को 695 मत प्राप्त हुए। वहीं दिबियापुर विधान सभा क्षेत्र से 14 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें 12 की जमानत जब्त हो गई।
इनमें लोकदल अरविंद शर्मा 651, बहुजन मुक्ति पार्टी योगेश प्रताप सिंह 287, निषाद पार्टी बादशाह राजपूत 2761, जन अधिकार मंच वेद नारायन बाथम 656, निर्दलीय बलवीर सिंह 238, निर्दलीय महेंद्र प्रताप सिंह 805, निर्दलीय मुकेश कुमार 185, निर्दलीय रजनी 477, निर्दलीय सरनाम 678, निर्दलीय संध्या देवी 586, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अतर सिंह कुशवाहा को 1282 मत प्राप्त हुए। औरैया सदर विधान सभा क्षेत्र में 10 में सात की जमानत जब्त हो गई। इसमें निर्दलीय आलोक कुमार 1139, बहुजन मुक्ति पार्टी कमला देवी 555, निर्दलीय कांति 5141, पीस पार्टी मान सिंह 794, वोटर्स पार्टी सरमन सिंह सरदार 289, लोकदल संजीव कुमार वर्मा 659, निर्दलीय लक्ष्मी देवी को 553 मत हासिल हुए।