भारतीय किसान यूनियन की ककोर मुख्यालय स्थित विकास
भवन में मासिक पंचायत हुई। इसमें गेहूं की क्षतिग्रस्त फसल का उचित मुआवजा
देने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने डीएम से गेहूं खरीद केंद्राें
पर संशोधित मानकों के अनुसार गेहूं खरीद करने के निर्देश देने की मांग की।
बाद में समस्याओं का ज्ञापन डीएम के माध्यम से सीएम को भेजा।
भाकियू
जिलाध्यक्ष संत कुमार तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चना और अरहर की
क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा तो दे दिया लेकिन गेहूं की बर्बाद फसल की राहत
राशि नहीं दी।
आरोप लगाया कि चने की फसल का मुआवजा उन लोगों को
दिया गया है, जिन्होंने लेखपालों से मिलकर फर्जी तौर पर अपनी फसल
क्षतिग्रस्त दर्ज कराई। इससे वास्तविक किसान मुआवजे से वंचित रह गए। जिला
प्रशासन से क्षतिग्रस्त चना फसल के पीड़ितों का पुन: सर्वे कराने की मांग
की।
जिलाध्यक्ष ने समाधान पुर्वा से फफूंद जाने वाली एक किमी सड़क
पर छोड़े अधूरे निर्माण को पूरा कराने की मांग की। साथ ही गेहूं खरीद
केंद्रों पर किसानों को हो रही परेशानी दूर करने और संशोधित मानकों के
अनुसार खरीद शुरू कराने के निर्देश देने की अपील की।
भाकियू नेता
ओमकार सिंह ने कहा कि किसानों के साथ लेखपालों का रवैया ठीक नहीं है।
लेखपालों के कारण ग्राम पंचायत दशहरा निवासी गुलाब सिंह को गेहूं की नष्ट
फसल का मुआवजा नहीं मिला। उन्हाेंने दोबारा सर्वे कराकर पीड़ित किसान को
गेहूं की फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की।
सदर तहसील क्षेत्र
की ग्राम सभा जमौली के चंदपुर गांव में विजय शंकर ने ग्राम सभा के तालाब पर
कब्जा कर बनाए जा रहे मकान पर रोक लगाने की मांग की।
इस अवसर पर
भाकियू जिला सचिव श्याम बाबू शर्मा, गुलाब सिंह, प्रकाश चंद्र द्विवेदी
एडवोकेट, उमाशंकर राजपूत, अशोक राजपूत, रामबहादुर, ज्ञान सिंह यादव, सरनाम
सिंह, अशोक उर्फ रामानंद भी मौजूद रहे।