दिबियापुर। भारतीय सेना के एक सूबेदार के परिवार ने सुरक्षा के लिए पुलिस से गुहार लगाई है।
परिवार ने बेटी को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ने का आरोप लगाया है। दूसरे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार दहशत में है।
थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की मां ने 30 जून को अपनी बेटी को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में आरोपी हनी और अंकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले में हनी उर्फ ताह को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन दूसरा नामजद आरोपी अंकुर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग उन पर लगातार केस वापस लेने और समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, उदईपुर निवासी पंकज, अनुज, आदर्श, सुरेन्द्र, सुशीला देवी और बेला रोड निवासी सुधीर उनके परिवार को धमका रहे हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी है।