श्रीमद भागवत एवं श्रीराम कथा की अमृत वर्षा में व्यास पं. संतोष शुक्ला ने कहा कि जीवन में मानव को सत्संग अवश्य करना चाहिए. क्योंकि सत्संग के बिना मानव जीवन कभी सफल नहीं हो सकता हैं। भक्ति और सत्संग के उचित संयोग से मानव जीवन धन्य है।
जय श्री राम सेवा समिति की ओर से आयोजित 11 दिवसीय श्रीमद भागवत एवं श्रीराम कथा की दिव्य वर्षा में प्रवचन करते हुए व्यास पं. संतोष शुक्ला ने कहा कि जीव जब क्षणिक आकर्षण में भटक कर थक जाता है तो उसे परमात्मा की शरण में जाकर ही शांति प्राप्त होती है।
कहा कि श्रीमद भागवत ग्रंथों में सत्संग का बड़ा महत्व है। व्यास पं. संतोष शुक्ला ने प्रवचन के दौरान कहा कि सच्चा सुख परमात्मा की शरण में जाकर एवं उनकी स्वच्छ मन से पूजा-अर्चना करने पर ही मिलता है।
11 दिवसीय श्रीमद भागवत में व्यास पं. संतोष शुक्ला ने सत्संग व गुरू के महत्व का विस्तृत वर्णन कर श्रोताओं को सुनाया, जिसको सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।