ग्राम ऊमरसाना से रविवार रात गायब हुआ युवक मंगलवार देर शाम रुरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। युवक ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए अपने मालिक पर अपहरण का आरोप लगाया।
कहा कि विरोधियों को फंसाने के लिए मालिक ने यह काम किया। पुलिस ने युवक का डाक्टरी परीक्षण दिबियापुर सीएचसी में कराया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रुरा, कानपुर देहात निवासी अखिलेश कुमार शर्मा उर्फ डब्बू पुत्र रामबहादुर के अनुसार वह ऊमरसाना निवासी सुभाष यादव के घर का ड्राइवर है। रविवार रात वह सुभाष के घर के बगल वाले प्लाट में चारपाई पर सोया था।
रात 12 से दो बजे के बीच पेशाब के लिए उठा। देखा कि उसकी चारपाई के आसपास चार-पांच लोग खड़े हैं, जबकि सुभाष यादव अपने पुत्र कृष्णपाल के साथ सामने नल पर खड़े दिखे।
सुभाष ने शांत रहने का इशारा किया। इस बीच पास खड़े लोगों ने उसका मुंह बंद कर बेहोश कर दिया। काफी देर बाद उसे होश आया तो अपहरणकर्ताओं से पूछने पर शांत रहने के लिए कहा और मारपीट की।
शाम छह-सात बजे सुभाष उनकी गाड़ी के पास आए और कहा कि तुम्हारे रुपये दे दिए जाएंगे। केवल करना यह है कि आज जो कुछ भी हुआ, पुलिस के सामने उसमें विरोधियों की संलिप्लता बताना।
रात 11 बजे इटावा स्टेशन रोड के पीछे छोड़ दिया। साथ ही उसका मोबाइल भी दे दिया। बेहोशी की हालत में वह स्टेशन रोड पर ही थोड़ा आगे लेट गया। 29 सितंबर की सुबह उसने अपने दोस्त रविशंकर को फोन कर बुलाया। दोपहर वाली पैसेंजर से उसे लेकर वह रुरा पहुंचा। घर पर खबर दी तो परिजन एवं पुलिस मौके पर पहुंच गई।
यहां बता दें कि सोमवार शाम दिबियापुर थाने पहुंचे कानपुर देहात के ग्राम मुडे़रा विक्रम सिंह रुरा निवासी रामबहादुर ने बताया था कि उसका 25 वर्षीय बेटा अखिलेश कुमार उर्फ डब्बू गत तीन वर्ष से सुभाष यादव पुत्र हरनाम सिंह निवासी ऊमरसाना के घर ड्राइवरी करता है।
दो साल पहले लड़के से सरकारी नौकरी पुलिस में लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये सुभाष ने ले लिए। दो साल व्यतीत होने के बाद उनके पुत्र ने रुपये वापस कराने की मांग की। सुभाष ने कहा था कि 27 सितंबर को उनका रुपया वापस कर देंगे। सोमवार सुबह बताया कि रविवार रात उसका बेटा कहीं चला गया है।
रामबहादुर ने आशंका जताई कि सुभाष ने उसके बेटे की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया है। पीड़ित पिता की तहरीर पर थाना पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया था।
पुलिस का कहना है कि जांच कर पीड़ित के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष कराए जाएंगे। हालांकि पुलिस का दावा है कि उनके दबाव के चलते अपहरणकर्ता अपह्रत को इटावा छोड़ गए।