दिबियापुर। नगर पंचायत कार्यालय में बुधवार शाम समदृष्टि क्षमता विकास और अनुसंधान मंडल जिला इकाई का जिला प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हुआ। इस अवसर पर महर्षि अष्टावक्र जयंती के उपलक्ष्य में उन्हें याद किया गया। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
प्रांत उपाध्यक्ष पंकज तिवारी, विकास त्रिपाठी और सुमन चतुर्वेदी ने जिला टीम को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने जिलाध्यक्ष अनिल तिवारी और महिला प्रमुख रितु चंदेरिया को संगठन की कार्यप्रणाली समझाई। कार्यक्रम संचालन के तरीकों पर भी चर्चा हुई। अध्यक्षता समाजसेवी डॉ. एस डी सिंह गौर ने की। वक्ताओं ने महर्षि अष्टावक्र के जीवन, दर्शन और आध्यात्मिक ज्ञान पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने महर्षि को भारतीय दर्शन और आत्मज्ञान की महान परंपरा का संवाहक बताया। राजा जनक के साथ उनके संवाद पर आधारित अष्टावक्र गीता आत्मज्ञान का सर्वोपरि ग्रंथ है।
सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि उमेश द्विवेदी, रश्मि मनोज, पवन द्विवेदी और प्रमोद तिवारी ने काव्य पाठ किया। सचिन तिवारी, रोहित पांडेय और प्रदीप शुक्ला ने नेत्रदान संकल्प अभियान को गति देने पर जोर दिया। सदस्यों ने महर्षि अष्टावक्र के आदर्शों को जीवन में धारण करने का संकल्प लिया। डॉ. आशीष त्रिपाठी, आदेश तिवारी, मनोहर राजपूत, मयंक चतुर्वेदी, चंद्रकांती मिश्रा, जितेंद्र पांडेय, अन्नू शुक्ला, अरुण पांडेय, सीमा यादव, अतुल त्रिपाठी और विजय चतुर्वेदी सहित कई लोग उपस्थित थे।