प्रदेश के 44 हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं को गृह जनपद में
वरिष्ठता समाप्त कर पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर किए जाने के विरोध में
शिक्षकों ने सपा मुखिया को संबोधित ज्ञापन सपा जिलाध्यक्ष को सौंपा। जिसमें
अंतर्जनपदीय शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनकी प्रथम नियुक्ति के आधार पर
पदोन्नति देने की मांग की गई है।
सपा जिलाध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव
को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अध्यापक नियमावली 1981 के
नियम संख्या 22 (2) में ज्येष्ठता संबंधी अप्रासंगिक नियम में संशोधन न
होने के कारण प्रदेश के 44 हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके गृह जनपद में
उनकी वरिष्ठता समाप्त करके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वरिष्ठता सूची
में शामिल किया गया।
साथ ही उक्त नियमावली के द्वारा उन्हें
पदोन्नति प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया है। जिससे शिक्षकों में घोर
निराशा है। शिक्षकों ने उक्त नियमावली में संशोधन कर गृह जनपद में काम कर
रहे अंतर्जनपदीय शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति के आधार पर पदोन्नति का लाभ
दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में जीतू उपाध्याय, अजब सिंह, राघवेंद्र सिंह चौहान, रामानंद, आशीष शुक्ला, पंकज कुमार तिवारी आदि लोग शामिल रहे।