शहर के कांशीराम कालोनी में सीवरेज की गंभीर समस्या के निदान के लिए अब
आईआईटी रुड़की के नक्शे के आधार पर निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए आवास
विकास की ओर से शासन को चार करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।
वहीं,
अधिकारियों का दावा है कि तीन माह बाद योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इससे कांशीराम कालोनी के साथ ही शहर के एक बड़े हिस्से की सीवरेज समस्या का
स्थाई हल निकल सकेगा।
पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कालोनी
में सीवरेज की गंभीर समस्या यहां के निवासियों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
पिछले पांच सालों से समस्या से निजात दिलाने को शिकायत से लेकर आंदोलन तक
की राह अपनाई गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
मामला
जिलाधिकारी तक पहुंचा तो डीएम ने समस्या के समाधान के निर्देश दिए। डीएम के
आदेश पर आवास विकास के अधिकारियों ने निजी तौर पर एसटीपी (सीवरेज
ट्रीटमेंट प्लांट) का नक्शा तैयार कर काम शुरू कराने की योजना बनाई।
प्राथमिक
तौर पर इस योजना के निर्माण के लिए दो करोड़ की मंजूरी मिली लेकिन नक्शा
प्राइवेट कंपनी का लगा होने से शासन ने इस प्रस्ताव को रद कर दिया।
अधिकारियों ने अब आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
का नक्शा तैयार करने को कहा है।
वहीं, नक्शा निर्माण में आईआईटी के
इंजीनियरों ने तीन माह का समय मांगा है। इसी आधार पर आवास विकास के
अधिकारियों ने अब इस योजना का नया प्रस्ताव तैयार कराया है। इसमें सीवरेज
प्लांट के निर्माण पर चार करोड़ का खर्च आएगा। यह प्रस्ताव अधिकारियों ने
शासन को भेज दिया है।
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आईआईटी रुड़की के
इंजीनियरों से सीवरेज प्लांट का नक्शा तैयार कराया जा रहा है। वहीं, योजना
पर खर्च आने वाली चार करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज
दिया गया है। तीन माह बाद योजना पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
जमुना प्रसाद, एक्सईएन, अवास विकास