औरैया। विशेष न्यायाधीश सैफ अहमद ने साढ़े पांच साल पुराने लूट के एक मामले में फैसला सुनाया है।
अदालत ने आरोपी अभिषेक उर्फ अवधेश को जुर्म स्वीकार करने के आधार पर पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 6200 रुपये अर्थदंड गलाया। आरोपी पहले ही पांच वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुका है, ऐसे में उसकी जल्द रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
अभियोजन के अनुसार घटना 22 जून 2020 की है। बेला थाना क्षेत्र के गांव भदौरा निवासी संजय कुमार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी मां आशा देवी को बाइक से मामा के घर ले जा रहा था।
इसी दौरान पहली पुलिया के पास आरोपी अभिषेक ने बाइक सामने लगाकर उन्हें रोक लिया। अभिषेक ने तमंचे के बल पर संजय की मां से सोने की जंजीर, चार अंगूठियां, मंगलसूत्र और झुमकी समेत अन्य जेवर और पर्स लूट लिया था।
पुलिस ने बिधूना के गांव उम्मेदपुर निवासी अभिषेक के खिलाफ पांच सितंबर 2020 को पकड़ कर इटावा जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला करने में आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए गए थे।
लंबे समय से विचाराधीन इस मामले में आरोपी अभिषेक ने अदालत के समक्ष जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसने दलील दी कि वह पिछले पांच साल से अधिक समय से लगातार जेल में बंद है। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है, जिसके कारण वह मुकदमा लड़ने में असमर्थ है। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी की परिस्थितियों और जेल में बिताए गए समय को ध्यान में रखते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार किया।
अदालत ने उसे पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड पर लगाया। आरोपी पहले ही अपनी सजा की अवधि से अधिक समय जेल में काट चुका है, इसलिए कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होते ही उसे रिहा कर दिया जाएगा।