औरैया। शहर में संचालित 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल में दो माह से रीजेंट न होने से पैथोलॉजी में प्रमुख जांचें बंद हैं। इस कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी में जाकर जांच करानी पड़ रही है। इससे उनकी जेब पर बोझ पड़ रहा है।
50 शय्या जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग पांच सौ मरीजों की ओपीडी होती है। जिसमें लगभग 100-150 सौ मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांच कराए जाने को सलाह दी जाती है। 50 शय्या अस्पताल में सभी प्रकार की जांचें निशुल्क की जातीं हैं। जबकि अस्पताल के बाहर जांचों को कराने में मरीज की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इन जांचों में कुछ ऐसी भी जांचे हैं, जिनकी प्राइवेट लैब में जांच कराने पर पांच सौ रुपये से भी ऊपर का भुगतान करना पड़ता है। अहम बात यह है कि 50 शय्या अस्पताल में पिछले दो माह से रीजेंट न होने के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को लिखीं जा रहीं जांच कराने को प्राइवेट लैबों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल प्रशासन की ओर से उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखे गए। पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
किस परेशानी में की जाती है कौन सी जांच
परेशानी जांच
पेट संबंधी एलएफटी
किडनी संबंधी केएफटी
डायबिटीज ब्लड शुगर
हड्डी की समस्या यूरिक एसिड
चक्कर, उल्टी, जहर खाने पर सोडियम, पोटैशियम
जोड़ों में दर्द आरए फैक्टर
बुखार सीआरपी
अस्पताल में निशुल्क होने वाली प्रमुख जांचें
लीवर, किडनी, सुगर, हार्ट, यूरिक एसिड, सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, आरए फैक्टर, सीआरपी।
प्राइवेट लैब में इन जांचों पर खर्च होती है इतनी धनराशि-
जांच धनराशि
लीवर 550
किडनी 550
सोडियम 200
पोटैशियम 200
सीआरपी 200
कैल्शियम 150
आरए फैक्टर 100
शुगर 40
जिम्मेदार बोले
सीएमएस के छुट्टी पर जाने के कारण अभी सोमवार को ही चार्ज मिला है। तब जानकारी हुई कि रीजेंट के न होने से जांचें नहीं हो पा रहीं है। इस पर आज बुधवार को महानिदेशक, मिशन निदेशक, डीएम के यहां चिट्ठी लिखी है। जैसे ही रीजेंट की उपलब्धता हो जाती है। सभी जांचों को पूर्ववत सुचारू करा दिया जाएगा।
-डॉ.प्रमोद कटियार
प्रभारी, सीएमएस, 50 शय्या अस्पताल