अजीतमल। महिला की जमीन हड़पने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हुए फर्जीवाडे में पंचायत सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। साथ ही परिवार रजिस्टर में दर्ज दो नामों को हटा दिया गया है। बीडीओ व एडीओ पंचायत ने मामले की जांच कराई है।
रामनगर की महिला कमलेश के पति की मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि ससुराल के लोगों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। तब से वह इटावा जिले के इमलिया स्थित मायके में रह रही है। उधर, ससुरालियों द्वारा उसकी जमीन हड़पने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। मामले की भनक लगने पर कमलेश ने 12 लोगों के खिलाफ शिकायत की थी।
इसकी जांच खंड विकास अधिकारी अतुल यादव व एडीओ पंचायत ने की। बीडीओ ने गांव में खुली बैठक कर लोगों से जानकारी की। इसके अलावा पीड़िता को ब्लॉक कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई।
जांच में बीडीओ की टीम ने पाया कि परिवार रजिस्टर पर जो नाम हैं। वह 25 से 30 वर्ष पुराने चढ़े हैं। सिर्फ दो नाम सोनू और शिवपूजन गलत तरीके से ग्राम सचिव अंशू के द्वारा चढ़ाए गए हैं। परिवार रजिस्टर की नकल भी किसी दूसरे को देना पाया गया है।
उधर, पीड़िता कमलेश का कहना है कि उसके पति की मृत्यु वर्ष 2021 में हो चुकी है। जेठ सहित अन्य परिवार के लोगों ने फर्जी तरीके से उसके पति की पत्नी के रूप में गुड्डी देवी और तीन पुत्र शिवपूजन, सोनू व पप्पू बनाकर मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम चढ़वा दिया।
जांच अधिकारी व बीडीओ अतुल यादव ने बताया कि ग्राम सचिव द्वारा गलत तरीके से परिवार रजिस्टर में चढ़े दो नामों को हटवा दिया गया है। सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।