मंडी में होती धान की खरीदारी।
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मंडी समिति में व्यापारियों को पैसा मिला तो एक सप्ताह से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई है। मंडी खुलने से व्यापारियों के चेहरे खिले नजर आए। कई किसान भी मंडी समिति पहुंच गए। फिलहाल प्रशासन ने एक करोड़ 20 लाख रुपये दिलवा दिए हैं।
जिले में धान खरीद घोटाला एक पखवारे से तूल पकड़े था। धान बेचने के बाद रुपये न मिलने से व्यापारी आक्रोशित हो गए और दुकानें बंद कर हड़ताल शुरू कर दी थी। डीएम, एसपी ने भी मंडी समिति पहुंचकर पूछताछ की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष की मिल में भी छापेमारी हुई थी। एसपी ने दस्तावेज कोतवाली मंगवाए तो सोमवार को उन्होंने दस्तावेज भी भिजवा दिए।
मंगलवार को प्रशासन और व्यापार मंडल के अध्यक्ष, महामंत्री से वार्ता हुई तो समझौता हो गया। प्रशासन ने व्यापारियों की ओर से दी गई गबन के रुपये की दूसरी लिस्ट को सही माना। इसमें महावीर पहाड़िया की फर्म से एक करोड़ 20 लाख रुपये व्यापारियों और किसानों को मंगलवार को भुगतान करा दिया गया है। एडीएम ने दावा किया कि 30 से 40 फीसदी किसानों का भुगतान करा दिया गया है। शेष रकम तीन से चार दिन में किसानों और व्यापारियों को दिलवा दी जाएगी। इसके बाद मंगलवार को मंडी के अधिकतर व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोल ली। एक बार फिर से मंडी समिति में चहलकदमी शुरू हो गई है।
किसी भी सूरत पर किसानों का रुपया नहीं मारा जाएगा। पूरा प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द सारा रुपया किसानों और व्यापारियों को दिलवा दिया जाएगा। - श्रीकांत मिश्रा, डीएम
धान गबन के आरोपियों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज है। जल्द फरार आरोपी को ढूंढकर किसानों को पैसा दिला दिया जाएगा। - संजीव त्यागी, एसपी
किसानों और आढ़तियों की समस्या मेरी समस्या है। किसी भी कीमत में किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मंगलवार को महावीर पहाड़िया की फर्म से एक करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान करा दिया गया है। अजय तिवारी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। दो-तीन दिन में गिरफ्तारी होने के बाद शेष किसानों और व्यापारियों की रकम दिला दी जाएगी। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम