रेलवे स्टेशन फतेहपुर से लेकर इटावा के जसवंत नगर के बीच रेल अपराधों पर नियंत्रण के लिए अपराधियों पर अब आरपीएफ के साथ डाग ‘लियो’ की नजर रहेगी। प्रशिक्षित डाग स्क्वायड बड़ी से बड़ी वारदातों के बाद उनके खुलासे में माहिर है।
डाग स्क्वायड ‘लियो’ के हैंडलर विष्णु यादव एवं आशीष कुमार के अनुसार कानपुर स्थित हेडक्वार्टर से वे प्रतिदिन अलग- अलग स्थानों पर अपराधियों की सुरागकशी के लिए निकलते हैं। रेल संपत्ति की चोरी होने एवं रेलवे के अन्य अपराधों पर कड़ाई से लगाम लगे। इसके लिए डाग ‘लियो’ खासी मेहनत करता है।
हैंडलर के जरा से इशारे पर ‘लियो’ दुश्मन पर टूट पड़ता है। रेलवे सामान की चोरी होने पर जगह को सूंघकर वह चोर का पता लगाने में माहिर है।
पूर्व में इटावा में केबिल चोरी, दादरी में ओएचई पर लटके वेट की चोरी, जंफर वायर चोरी, जलेसर रोड में केबिल एवं जंफर वायर एवं फिस प्लेट चोरियों का खुलासा करने मे ‘लियो’ का खासा योगदान रहा।
बताया कि ‘लियो’ का कार्य क्षेत्र कानपुर से आगे फतेहपुर से लेकर इटावा के जसवंत नगर तक है। आरपीएफ थाना फफूंद के प्रभारी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि डाग स्क्वायड की क्षेत्र में मौजूदगी से निश्चित तौर पर रेल अपराधों में लगाम लगेगी।