शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को लेकर विरोधस्वरूप ध्वनि से रविवार गूंज गया। शिक्षामित्रों ने सड़कों पर उतर कर हंगामी प्रदर्शन किया। मुख्य न्याय मूर्ति का पुतला फूंका। हाइवे को जाम करते हुए शिक्षामित्रों ने निर्णय के विरुद्ध नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति के विरुद्ध नारेबाजी की।
शिक्षामित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बनाने को उच्च न्यायालय ने असंवैधानिक करार देकर उनका समायोजन रद्द कर दिया है। इससे जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 1500 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद से हाथ धो बैठे हैं।
उच्च न्यायालय के निर्णय से शिक्षामित्रों को सदमा लगा है, साथ ही निर्णय के प्रति आक्रोश हैं। रविवार को समायोजन रद्द किए जाने के फैसले का विरोध सड़कों पर देखने को मिला।
आदर्श शिक्षा वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर जालौन चौराहे स्थित होटल केसर कुंज में शिक्षामित्र एकत्रित हुए। होटल से निकलकर शिक्षामित्र हाइवे पर निकल आए। मुख्य न्याय मूर्ति के खिलाफ नारेबाजी की। उग्र शिक्षामित्रों नेे मुख्य न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का पुतला फूंका।
शिक्षामित्र हाइवे जाम कर प्रदर्शन करने लगे। सीओ सिटी जीडी मिश्रा व शहर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और सहानभूति दर्शाकर हाइवे का आवागमन सुचारु रूप कराया।
बाद में शिक्षामित्र खानपुर बाईपास चौराहा होते हुए सुभाष चौक पर पहुंचे, यहां शिक्षामित्रों ने नारेबाजी करते हुए फैसले को गलत बताया।
जिलाध्यक्ष धरमवीर सिंह यादव, आशू दुबे, विमल दुबे, फेरू सिंह, आलोक अग्निहोत्री, अजय सेंगर, मुकेश यादव, किरन त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष दुबे, जिला मंत्री दीपक यादव, रमाकांत मिश्रा, मनोज चतुर्वेदी, अंबिका मिश्रा, संत कुमार, अनीता पांडेय, अनीता सेंगर, पूनम देवी ने विरोध जारी रखने का ऐलान किया।
एकजुट हुए शिक्षामित्र संगठन - औरैया। साथी टीचरों की समस्याओं को लेकर अपना तथा अपने संगठन का नाम चमकाने वाले शिक्षामित्रों के संगठन आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ संकट की घड़ी में एकजुट हो गए हैं।
हाईकोर्ट के निर्णय के विरोध में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने साझे मंच के साथ विरोध प्रदर्शन जारी करने का निर्णय लिया है।