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Auraiya News: इकलौते बेटे का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार, छोटी बहन ने दी मुखाग्नि

Wed, 09 Sep 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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मृतक के घर के बाहर पिता से बात करते एसडीएम। संवाद
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दिबियापुर। जिस भाई की कलाई पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चार बहनों ने प्यार से राखी बांधी थी, मंगलवार को उसी इकलौते भाई की अर्थी उठते ही मातम पसर गया। दिल्ली में पांच मंजिला हॉस्टल ढहने के हादसे में अपनी जान गंवाने वाले छात्र पवन कुमार (18) का मंगलवार को कस्बा के मुक्तिधाम में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। रीति-रिवाजों से परे हटकर छोटी बहन प्रियांशी ने अपने भाई को मुखाग्नि दी।
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मोहल्ला बाबू दयाराम नगर स्थित कैलाश बाग निवासी रिटायर्ड होम्योपैथी फार्मासिस्ट विशंभर सिंह का इकलौता बेटा पवन परिवार की उम्मीदों का सहारा था। सोमवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उसका पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिजन में चीख-पुकार मच गई। मां मीरा देवी रो-रोकर बेसुध हो रही थीं, तो वहीं पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। चारों बहनें अपने इकलौते भाई के शव से लिपटकर बिलखती रहीं।
हादसे की खबर मिलते ही मंगलवार सुबह सदर एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया और लेखपाल अभिनव पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। अधिकारियों ने ढाढ़स बंधाते हुए शासन स्तर से हर संभव आर्थिक सहायता और मदद का भरोसा दिया। उधर, सपा विधायक प्रदीप यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर यादव ने भी शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह घटना पूरी तरह से दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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मृतक पवन पूर्व में दिबियापुर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का मेधावी छात्र रहा था। मंगलवार को जैसे ही विद्यालय परिवार को पवन के निधन की सूचना मिली, परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं समस्त छात्रों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके बाद विद्यालय में शोक सभा रखकर छुट्टी घोषित कर दी गई। इसके बाद विद्यालय का समस्त स्टाफ व छात्र मृतक के घर पहुंचे और परिजन को सांत्वना दी। बाद में युवक का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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