औरैया। लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब आम आदमी की थाली और रसोई पर साफ दिखने लगा है। बीते करीब दो महीनों के भीतर मसालों और सूखे मेवों की कीमतों में आए उछाल आया है। इसके असर से गृहणियों के रसोई बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। खाने का जायका बढ़ाने वाले बुनियादी मसालों के दाम आसमान छू रहे हैं, इससे रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
बाजार के विशेषज्ञों और व्यापारियों के अनुसार मांग की तुलना में उत्पादन में आई कमी, फसलों की कम बोआई और प्रतिकूल मौसम को इन कीमतों में हुई बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके अलावा सूखे मेवों के दामों में भी उछाल आया है। जो काजू पहले 800 रुपये प्रति किलो बिकता था अब उसकी कीमत 900 रुपये हो गई जबकि बादाम की कीमत भी 100 रुपये प्रति किलो बढ़कर 1100 रुपये हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार महंगाई अधिक बढ़ती जा रही है।
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कीमतों का अंतर (प्रति किलो)
मसाला पहले अब
हल्दी 170 200
लाल मिर्च 200 250
काली मिर्च 670 700
गर्म मसाले 700 900
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मंडियों में महंगा मिल रहा माल
पीछे से ही आवक कम होने से थोक मंडियों में माल महंगा मिल रहा है। बेमौसम बारिश और पैदावार कम होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। जब तक नई फसल बाजार में नहीं आ जाती, तब तक दामों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
- अभिषेक गुप्ता, व्यापारी
खरीदारी में कटौती से व्यापार प्रभावित
मसालों और मेवों की बढ़ती कीमतों के चलते फुटकर ग्राहक अब अपनी खरीदारी में कटौती कर रहे हैं। जो लोग पहले महीने भर का सामान एक साथ ले जाते थे, वे अब कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हुआ है।
- शेखर पोरवाल, व्यापारी
फूलगंज में सजी किराना की दुकान। संवाद
फूलगंज में सजी किराना की दुकान। संवाद