औरैया। लोकसभा चुनाव ड्यूटी में गई बसों के लौटने के बाद संचालन व्यवस्था दुरूस्त करने के प्रयास विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे है। वहीं निगम से प्राप्त पांच और बसों के नए रूटों पर संचालन के लिए ट्रॉयल चल रहा है। यदि सवारियां सही पाई जाती है। तो संबंधित मार्ग पर बस का संचालन होगा।
लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में ही डिपो की अधिकांश बसों को भेजा गया था। इसके चलते संचालन व्यवस्था बिगड़ गई थी और यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोकसभा चुनाव समाप्त होती है चुनाव ड्यूटी में गई सभी 22 बसें वापस लौट आईं हैं। तो वहीं डिपो को पांच और बसें निगम से प्राप्त हुई है। अब 77 बसों से विभिन्न रूटों पर संचालन किया जा रहा है।
पांच नई बसों के लिए नए रूट तैयार करने के लिए विभाग ने ट्राॅयल तौर पर बसों का संचालन शुरू कराया है। इसमें एक बस हाल ही में आगरा से बनारस के लिए चलाई है। तो वहीं चार अन्य प्राप्त बसों में एक आगरा मार्ग पर दूसरी बस को शाहजहांपुर पर चलने वाली बस से बदला गया है। शेष एक बस को दिल्ली मार्ग पर भेजा जा रहा है। जिले के कई प्रमुख मार्ग पर ऐसे भी जहां सिर्फ एक-एक बस संचालित हो रही है।
जैसे उरई झांसी मार्ग पर सुबह साढ़े सात बजे एक बस है। इसके बाद डिपो की एक भी बस न होने से यात्रियों को अन्य डिपो की बस का इंतजार करना पड़ता है। वह बसें पर्याप्त सवारियां होने पर अंदर नहीं आती। कम सवारियां होने पर ही चालक उन्हें अंदर लेकर आता है। जिस कारण इस मार्ग के यात्रियों को दिक्कतें होती है।
वहीं रसूलाबाद के लिए भी दोपहर में डेढ़ बजे मात्र एक बस संचालित होती है। चुनाव ड्यूटी से बसों के लौटने के बाद संचालन व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिला है, लेकिन डिपो अधिकारियों की मानें तो इन दिनों भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। वहां सहालग आदि भी नहीं है। इस कारण सवारियां सिर्फ सुबह और शाम के समय ही दिखाई देती है। दोपहर के समय सन्नाटा रहता है।
वर्जन
ट्राॅयल में सफलता मिलने पर बस का विधिवत संचालन होगा। इसके बाद अन्य मार्ग पर भी ट्राॅयल किया जाएगा।
- अपर्णा मीनाक्षी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक