फोटो 28एयूआरपी08- गैलरी में गद्दे बिछाकर सोते प्रवासी मजदूर
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भीषण गर्मी, ऊपर से बिजली कटौती। ऐसे में शेल्टर होम में ठहराए गए प्रवासियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रात में बिजली गुल होने पर गैलरी में गद्दे बिछाकर किसी तरह रात गुजार रहे हैं।
प्रवासियों का कहना है कि खाना व नाश्ता तो समय से मिल रहा है, लेकिन बिजली की समस्या रुला रही है। जिले में अब तक तकरीबन 52 हजार प्रवासी मजदूर दूसरे प्रांतों से आ चुके हैं।
बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घर भेजा जा रहा है। इसमें संदिग्ध प्रवासी मजदूरों को शेल्टर होम में ठहराने की व्यवस्था की गई है। जिले में बनाए गए 32 शेल्टर होम में इस समय 89 प्रवासी मजदूर मौजूद हैं।
शहर के पास फफूंद रोड पर स्थित श्री गुलाब सिंह लॉ कालेज शेल्टर होम में गुरुवार को पांच प्रवासी मजदूर भीषण गर्मी के चलते पहले फ्लोर पर बनी गैलरी में गद्दे बिछाकर सोते दिखे।
इन प्रवासियों ने बताया कि नाश्ता और भोजन तो समय पर मिल रहा है। बिजली न आने से गर्मी से जूझना पड़ता है। रात के समय ज्यादा परेशानी होती है। वहीं, ड्यूटी पर मौजूद लेखपाल योगेश मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती अधिक हो रही है। इस कारण बिजली जाने पर पंखे नहीं चलते।
शहर के कुछ अन्य शेल्टर होम का जायजा लेने पर पता चला कि प्रवासियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों के पास कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजाम भी नाकाफी है। श्री गुलाब सिंह लॉ कालेज शेल्टर होम में ही ड्यूटी करने वाले कर्मचारी सिर्फ मास्क लगाए दिखे।
न तो उनके हाथों में गलव्स थे और न ही सैनिटाइजर। एक कर्मचारी ने बताया कि जब वह दो महीने पहले ड्यूटी करने आए था, तब एक मास्क और सैनिटाइजर की छोटी-सी सीसी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा को लेकर कोई चीज उपलब्ध नहीं कराई गई।