औरैया। कृषि विधेयक का हर ओर विरोध हो रहा है। सोमवार को कलक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के बैनरतले जिले के किसानों ने विधेयक के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में अविलंब इस विधेयक को वापस लेने की मांग की गई।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अमाशंकर राजपूत ने कहा कि इन विधेयकों को किसान यूनियन कंपनी राज के रूप में देख रही है। किसानों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी कर सरकार कारपोरेट कल्चर में तब्दील कर बर्बाद करने का कुचक्र रच रही है। इस काले विधेयक को किसान किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि सरकार ने अविलंब इसे वापस नहीं लिया तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी अभिषेक सिंह से मिला और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा है कि कृषि करार पर विधेयक 2020, किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 कृषि और किसान विरोधी तीनों विधेयकों को तुरंत वापस लिए जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य को सभी फसलों पर (फल और सब्जी) लागू करते हुए कानून बनाए जाने और समर्थन मूल्य से कम खरीद होने पर अपराध की श्रेणी में रखने की भी मांग की गई।
इस मौके पर जिला मंत्री सोबरन सिंह, ध्यान सिंह राजपूत, रामनरेश, विपिन राजपूत, चिरौंजी लाल, भुुल्लन, गंगा प्रसाद राजपूत आदि मौजूद रहे।