ककोर। एक गांव स्थित घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, मेहमान आ चुके थे और दावत की तैयारी पूरी कर ली गई थी। इसी बीच पुलिस और बाल संरक्षण समिति की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग की शादी रुकवाई। पुलिस की जांच में किशोरी की उम्र 17 साल नौ माह निकली।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव इटाहा के एक घर में मंगलवार को उत्सव का माहौल था। घर के बाहर टेंट लगा था, हलवाई पकवान बनाने में जुटे थे। इसी बीच बाल संरक्षण समिति की अधिकारी रीना चौहान और सीमा कुशवाह फफूंद पुलिस के साथ अचानक मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने जब दस्तावेजों की जांच की तो लड़की की उम्र 17 वर्ष नौ माह पाई गई। कानूनी पेच फंसते देख प्रशासन ने शादी रुकवा दी, इससे खुशियों वाले घर में खलबली मच गई।
परिजन के अनुसार किशोरी का रिश्तेदारी के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी लगातार परिजन को चले जाने की धमकी दे रही थी। मौके पर पहुंची टीम ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह अपराध है। अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि वे कानून को अपने हाथ में न लें। माता-पिता को हिदायत दी गई कि किशोरी के बालिग होने का इंतजार करें और उसके बाद ही विवाह की रस्में पूरी करें।