दिबियापुर। महिला आयोग से भेजी गईं शिकायतों पर पुलिस ने न तो आख्या लगाई और न ही जांच रिपोर्ट आयोग को भेजी। इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य ने नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए।
जन सुनवाई में समाज कल्याण अधिकारी भी नहीं पहुंचे। इसे वह खफा दिखीं और उन्होंने कारण बताओ नोटिस देने की बात कही। जनसुनवाई में आईं 19 शिकायतें में एक भी निपटाईं नहीं जा सकी, हालांकि उनके निस्तारण को उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
नगर पंचायत सभागार में आयोजित राज्य महिला आयोग की सदस्या अनीता गुप्ता ने जन सुनवाई की। उनके साथ पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत व चेयरमैन राघव मिश्रा भी मौजूद रहे। उन्होंने सबसे पहले महिला आयोग से भेजी गई शिकायतों की समीक्षा की।
समीक्षा में आख्या रिपोर्ट आयोग को न भेजने पर पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने समाज कल्याण विभाग से कोई अधिकारी न आने पर अंसतोष प्रकट किया। उन्होंने गैरहाजिर समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भेजने की बात कही।
जनसुनवाई में पीड़िता दीप्ती कुशवाहा ने घरेलू हिंसा, ममता देवी ने देवर द्वारा मारपीट तो प्रियंका ने ससुरालवालों के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत की। महिला कमला ने साफ-सफाई के मामले में, मिथलेश ने पेंशन, संध्या ने कैंटीन, पूनम द्वारा जमीन के विवाद से संबंधित शिकायतें की गईं।
सभी आईं 19 शिकायतों को सदस्य ने संबंधित विभागों को निस्तारण के सुपुर्द किया। कहा कि अब ब्लॉक स्तर पर भी जन चौपाल लगाई जाएगी।
इस मौके पर डिप्टी एसडीएम अजय आनंद वर्मा, तहसीलदार सदानंद, ईओ विनय पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र त्रिपाठी, डीआईओएस पीके मौर्य, बीएसए संजीव कुमार , थाना प्रभारी पूजा राठौर, सीओ सदर अशोक कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक कुमार, प्रभारी महिला प्रकोष्ठ भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।