औरैया। बुढ़ापे में पेंशन के सहारे जीवनयापन की उम्मीद लगाए 50 हजार बुजुर्गों की उम्मीद पर उम्र के सत्यापन की कागजी प्रक्रिया और नियमों की जटिलता पानी फेर रही है।
ये बुजुर्ग पिछले एक साल से समाज कल्याण विभाग और कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। पिछले एक साल में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत समाज कल्याण विभाग में अभी तक 95052 आवेदन आ चुके हैं। सत्यापन के बाद 1078 आवेदनों को मानकों के पूरा न करने पर रिजेक्ट कर दिया गया है।
विभागीय दस्तावेजों में 85,469 बुजुर्गों को योजना का पात्र माना गया। इनमें भी 34,967 को पेंशन मिल रही है। उधर, हर साल होने वाले सत्यापन की तरह इस वित्तीय वर्ष में उम्र के निर्धारण को लेकर नए मानक शासन स्तर से जारी कर दिए गए। इसमें आधार कार्ड से आयु की पुष्टि न करते हुए अन्य कागजों की मांग कर दी गई।
इन कागजों को पूरा करने में बुजुर्ग जुटे हुए हैं। ऐसे में पात्रों की तुलना में 50 हजार के करीब बुजुर्गों को पिछले तीन माह से पेंशन मिल ही नहीं रही है।
सत्यापन का हवाला, मिल रहा सिर्फ आश्वासन
जिले के एरवाकटरा, बिधूना, अजीतमल समेत अन्य क्षेत्र के दूरदराज से बुजुर्ग 30-40 किलोमीटर से अपने कागजों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बुढ़ापे में सरकारी मदद की उम्मीद पूरी नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी भी इन कागजों को लेकर उहापोह की स्थिति में नजर आ रहे हैं। बुजुर्गों को बार-बार सत्यापन का हवाला देकर किसी तरह आश्वासन दिया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब विभाग उन्हें पात्र सूची में डाल चुका है।
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ग्रामीण व नगर क्षेत्र के मानक कर रहे परेशान
शासन स्तर से पिछले दिनों नए मानक योजना के लिए जारी किए गए। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के लिए आधार कार्ड से इतर कुटुंब रजिस्टर की नकल और शैक्षिक प्रमाण पत्र से आयु का सत्यापन होना है। इन कागजों में दर्ज उम्र आधार कार्ड से मिलान चाहिए।
वहीं नगर क्षेत्र के लिए राशनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैनकार्ड का विकल्प दिया गया है। इनमें उम्र न होने पर बुजुर्ग और हताश हो रहे हैं। सालों पहले के शैक्षिक दस्तावेज न होने की स्थिति में बुजुर्गों को घोषणापत्र में हाईस्कूल तक पढ़ाई न करने की बात भी बतानी पड़ रही है।
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बोले बुजुर्ग-लगा रहे विभाग के चक्कर
सालों पहले पढ़ाई की थी। शैक्षिक दस्तावेज ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। कुटुंब रजिस्टर की नकल में उम्र आधार से मेल नहीं खा रही है। पेंशन का लाभ पाने के लिए कई बार ककोर मुख्यालय के चक्कर लगा चुके हैं।-राम मनोहर, रुरुखुर्द
सत्यापन के नाम पर कागजों को मांगकर परेशान किया जा रहा है। आवेदन करने के बाद से कई बार विकास भवन के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।-हृदयराम, जहांगीरपुर
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पोर्टल पर सत्यापन के बाद पात्रों के नाम दर्ज कर दिए जाते हैं। शासन स्तर से सीधे पात्रों के बैंक खातों में पेंशन भेजी जाती है। सत्यापन को लेकर लगातार बुजुर्गों के कागजों को अपडेट किया जा रहा है ताकि मानकों को पूरा कराते हुए ज्यादा से ज्यादा पात्रों को योजना का लाभ दिया जा सके।-रविंद्र कुमार शशि, समाज कल्याण अधिकारी