चर्चित पछैया बस्ती में बुधवार को कानपुर प्रवर्तन आबकारी अधिकारी व पुलिस टीम ने छापामार अभियान चलाया। पुलिस को देख बस्ती में हड़कंप मच गया।
छापे में पुलिस को शराब की भट्टियां धधकती मिली। एक घंटे तक पुलिस व आबकारी टीम बस्ती की खाक छानती रही, लेकिन मामला ढाक के तीन पात ही रहा। घंटों मेहनत के बाद पुलिस के हाथ मात्र एक शराबी ही लगा। पछैया बस्ती अब अवैध शराब के कारोबार के नाम से जानी जाती है।
आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन कानपुर, अमित कुमार आबकारी निरीक्षक एसएसएफ के नेतृत्व में पछैया बस्ती में छापा मारा गया। पुलिस फोर्स आते देख अवैध शराब के कारोबारी घरों में ताला लगाकर फरार हो गए। पुलिस ने एक-दो घरों के ताले तोड़े, यहां पर शराब की भट्टियां तो धधकती मिली, लेकिन शराब बनाने वाले गायब मिले।
पुलिस ने भाग रहे एक अवैध शराब कारोबारी को पकड़ा। पुलिस ने घरों के अंदर घुसकर भट्टियों पर बन रही शराब नष्ट की तथा शराब बनाने के उपकरण बरामद किए। छापेमारी के दौरान आबकारी इंस्पेक्टर एके शुक्ला, एसएसआई मानवेंद्र सिंह, एसआई कांती सिंह आदि मौजूद रहे।
...तो क्यों नहीं हो पाती है गिरफ्तारी - औरैया। भले ही प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के फरमान जारी कर दिए हों, लेकिन जिले में यह फरमान हवा-हवाई साबित हो रहा है।
पुलिस को अवैध शराब के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद यहां पर शराब की भट्टियां धधक रही हैं। लोगों में चर्चा है कि आखिर पछैया बस्ती में छापेमारी में कोई आरोपी क्यों नहीं पकड़ा जाता है।