फोटो-46-कमरे के अंदर घूमता बंदर। संवाद
फफूंद। कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में कमरे में कैद बंदर को पांचवें दिन भी नहीं पकड़वाया जा सका। नगर पंचायत अध्यक्ष दो दिन से मथुरा से टीम आने का दावा कर रहे हैं लेकिन कोई टीम नहीं आई। वहीं वन विभाग भी चुप्पी साधे हुए है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। मकान मालिक व मोहल्लेवासी परेशान हैं लेकिन जिम्मेदार एक-दूसरे पर बात डाल रहे हैं। देरी से नाराज मकान मालिक ने बंदर छोड़ने की धमकी दी है।
शनिवार को अचानक आक्रामक हुए एक बंदर ने दहशत फैला दी थी। बंदर ने एक ही दिन में मोहल्ले के सात लोगों पर हमला कर उन्हें काट लिया था। बंदर के हमले में घायल मनोज दुबे ने अन्य युवाओं के साथ साहस दिखाते हुए किसी तरह बंदर को मकान के बाहरी कमरे में बंद कर लिया था। घटना के पांच दिन बीत जाने के बावजूद वन विभाग और नगर पंचायत की ओर से कोई कार्रवाई की गई। इस लापरवाही के चलते मकान मालिक और उनका परिवार परेशान हैं।
मनोज और उनके परिजन बंदर को भोजन-पानी देने के साथ ही उसके भागने से रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं। मनोज दुबे ने बताया कि उन्होंने नगर पंचायत को सूचना देने के साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। 1076 हेल्पलाइन पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मनोज का कहना है कि अगर शुक्रवार तक बंदर को नहीं पकड़वाया गया तो वह कमरे से उसे छोड़ देंगे।
अजीतमल रेंज के वन विभाग के रेंजर आरके राठौर ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी हुई है। शुक्रवार को वन विभाग की टीम रेस्क्यू करके बंदर को वहां से ले जाकर जंगल में छोड़ेगी।