औरैया। इटावा-कानपुर हाईवे पर हादसे में मरे 24 लोगों के शव जिला अस्पताल में एक लाइन में देख हर किसी की आंख नम हो गई। हालांकि बाद में दो और मजदूरों के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या 26 पहुंच गई थी। भोर में एंबुलेंसों के सायरनों की आवाज सन्नाटा तोड़ती रही। सायरनों की आवाज सुनकर लोगों को अनहोनी की आशंका हो गई थी। इसलिए एक-दूसरे से हादसे के बारे में जानने का प्रयास करते रहे।
हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। इससे आसपास के लोग जाग गए। यह लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस के साथ बचाव कार्य में जुट गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 18 एंबुलेंस लगाई गईं थीं। शवों को लाने के लिए दो वाहन लगाए गए थे। चूने को बोरे हटाने पर एक के बाद एक 24 शव निकलने पर बचाव कार्य में लगे लोग आश्चर्य में पड़ गए। अंदेशा नहीं था कि हादसे में इतने लोग मारे गए हैं। पुलिसकर्मी घायलों को स्वास्थ्य कर्मचारियों की मदद से एंबुलेंस में लिटाते गए। घटना स्थल पर घायलों की चीख, एंबुलेंसों के आने-जाने की आवाज ही सुनाई दे रही थी। पुलिसकर्मियों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों का सहयोग कर सभी घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शव 50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में एक स्थान पर रखे गए। एक के बाद एक काफी संख्या में शव देख लोग सिहर उठे। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि हे भगवान ये क्या हो गया।
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