औरैया। शासन व एनजीटी की सख्ती के चलते जिला प्रशासन ने पराली जलाने के मामले में 328 किसानों को नोटिस, 67 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सात लाख सात हजार 500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। जिसमें एक लाख 25 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। पराली जलाने में रोक लगाने में नाकाम रहने पर 32 लेखपाल, 11 पुलिस चौकी प्रभारी, 17 प्राधिविधिक सहायकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में हड़कंप मचा है। इसके अलावा एक लेखपाल को भी निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई एक नवंबर से 16 दिसंबर के बीच की गई है।
मंगलवार को एसडीएम सदर के कार्यालय पर एडीएम ने वार्ता में बताया कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगना शुरू हो गया है। एक नवंबर से लेकर 16 दिसंबर तक 328 किसानों को नोटिस, 67 के खिलाफ एफआईआर, सात लाख सात हजार 500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया जा चुका है। सबसे ज्यादा एफआईआर बिधूना में 18 व औरैया तहसील में सात किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पराली जलाने में नाकाम रहने वाले 32 लेखपाल, 11 पुलिस चौकी प्रभारी, कृषि विभाग के 17 प्राविधिक सहायकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है। इस मामले में एसडीएम बिधूना को चेतावनी के साथ 5000 हजार का जुर्माना लगाया जा चुका है। 14 गांवों में पराली जलाने में नाकाम रहने पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिसमें ग्राम प्रधान पर एक हजार, चौकी प्रभारी, पंचायत सचिव, कानूनगो व कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक पर 800-800 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में हड़कंप मचा है। अपर जिलाधिकारी रेखा एस चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क के कारण पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। बताया कि एक लेखपाल द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई थी जिसके चलते उसे निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जुर्माने की राशि जमा नहीं की है उनके वेतन से उसकी भरपाई कर ली जाएगी। इस मौके पर मुख्य रूप से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार शुक्ला, उपकृषि निदेशक विजय कुमार, तहसीलदार राजकुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।