एनटीपीसी ने औरैया में गैस पावर स्टेशन की नींव डाली थी। अब सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी बिजली उत्पादन कर रही है। एनटीपीसी का वर्ष 2032 तक एक लाख 28 हजार मेगावाट बिजली उत्पादक कंपनी बनने का लक्ष्य है। वहीं सौर ऊर्जा से वर्ष 2019 तक 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
एनटीपीसी महाप्रबंधक रामकृष्ण पाल ने बताया कि अब तक एनटीपीसी 43803 मेगावाट की परियोजनाएं देश में स्थापित कर चुकी है। देशभर में फैले कंपनी संयंत्रों में 25 हजार कर्मी बिजली उत्पादन में लगे हैं।
एनटीपीसी इस समय कोल, गैस, हाइड्रो, सौर ऊर्जा आधारित संयंत्रों से बिजली उत्पादन कर रही है। कारपोरेट स्तर पर तय होने के बाद न्यूक्लियर पावर प्लांट भी लगाए जा सकते हैं।
एनटीपीसी औरैया ने इस वर्ष संयंत्र की सभी चारों टरबाइनों का आधुनिकीकरण कर लिया है। टरबाइनों के आधुनिकीकरण से पहले से अधिक क्षमता बढ़ेगी।
एनटीपीसी में द्वितीय चरण के विस्तारीकरण के सवाल पर महाप्रबंधक आरके पाल ने कहा कि विस्तारीकरण के लिए अन्य आवश्यक जरूरतें पूरी कर लीं गईं हैं। एनटीपीसी औरैया गैस बेस्ड संयंत्र है। देश में इस समय गैस उत्पादन कम है। इसके चलते द्वितीय चरण का एनटीपीसी प्रोजेक्ट अटका है।
सरकार कह रही है कि 2017 के बाद गैस उत्पादन में वृद्धि आ सकती है। गैस उत्पादन बढ़ने के बाद ही एनटीपीसी औरैया का विस्तारीकरण संभव है।
बताया कि गत14 वर्षों से औरैया संयंत्र दुर्घटना मुक्त संयंत्र बना हुआ है। परियोजना को नेशनल सेफ्टी अवार्ड और एनटीपीसी स्वर्णशक्ति अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। एजीएम एचआर पी श्रीधर, एजीएम ओ एंड एम डी सिंह, एजीएम टीएस एस दास गुप्ता ने भी जानकारियां दीं।