औरैया। पुलिस ने अपराध नियंत्रण और मुकदमों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
अब पुलिसिया तफ्तीश में न तो ढीलापन चलेगा और न ही कागजी रजिस्टरों के पन्ने पलटने पड़ेंगे। मामलों की समयबद्ध निगरानी के लिए एडीजी ने औरैया एफआईआर मॉनिटरिंग पोर्टल 1.0 लॉन्च किया है।
शुक्रवार को कानपुर जोन की अपर पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ और कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चंदर ने इस हाईटेक पोर्टल का उद्घाटन किया। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़ी विवेचनाओं की कड़ाई से निगरानी और प्रभावी पर्यवेक्षण करना है।
इस पोर्टल में एक बेहद खास और आधुनिक फीचर टेलीग्राम आधारित स्वचालित अलर्ट सिस्टम जोड़ा गया है। इसके जरिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को समय रहते उनके मोबाइल पर ऑटोमेटिक अलर्ट मैसेज मिल जाएगा ताकि वे समय-सीमा पार होने से पहले ही कार्रवाई पूरी कर सकें।
इस नए पोर्टल के आने के बाद अब पुराने मैनुअल रजिस्टरों और कागजी रिपोर्टिंग के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इसकी जगह अब एक रियल-टाइम डैशबोर्ड काम करेगा। यह एक रोल-बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जिसे चार अलग-अलग स्तरों पर ट्रैक किया जा सकेगा। पहला थाना प्रभारी निरीक्षक या थानाध्यक्ष, दूसरा सीओ, तीसरा एएसपी और चौथा एसपी स्तर से मामलों को ट्रैक किया जाएगा।
इस डैशबोर्ड के जरिए बड़े अफसर एक क्लिक पर देख सकेंगे कि किस स्तर पर कितने मामले लंबित हैं, कौन से मुकदमे अगले 10 दिनों में पूरे होने वाले हैं और किसकी समय-सीमा खत्म हो चुकी है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस डिजिटल समाधान से पुलिस विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार आएगा। विवेचकों की मनमानी पर रोक लगेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।