सहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत शहबाजपुर में शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतना तथा फर्जी प्रमाण पत्र बनाना प्रधान, तत्कालीन व वर्तमान सचिव को महंगा पड़ गया। डीपीआरओ ने तीनों को नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत में शौचालयों का निर्माण ठेकेदारी प्रथा से कराने, अधिकांश शौचालयों की स्थिति खराब होने की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की थी। डीएम ने डीपीआरओ को जांच करने की निर्देश दिए थे। डीपीआरओ की जांच में तत्कालीन सचिव द्वारा जन्म प्रमाण पत्र में गलत तिथि अंकित करने का मामला प्रकाश में आया।
इस पर डीपीआरओ ने तत्कालीन सचिव को नोटिस देकर प्रकरण एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा। शौचालयों निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सही पाए जाने पर प्रधान व वर्तमान सचिव को भी एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने कहा कि तीनों को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर ठेकेदारी प्रथा से कराए जाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
इससे शौचालयों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार की खुले में शौचमुक्त अभियान को भी धक्का लग रहा है।