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Auraiya News: जिले में नहीं एक भी कार्डियोलॉजिस्ट, कानपुर रेफर हो रहे मरीज

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औरैया। जिले भर में दिल के मरीजों के लिए इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज हो या औरैया स्थित 50 शैया जिला अस्पताल, यहां एक भी कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इसकी वजह से इमजरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को इंजेक्शन आदि देकर कानपुर रेफर कर दिया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज समेत जिला अस्पताल व सीएचसी पर हृदय संबंधी दिक्कतों को लेकर अक्सर मरीज आते हैं। यहां कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में मरीजों को कानपुर जाने की सलाह दी जाती है। खास बात यह है कि हार्ट अटैक के मामले भी इमरजेंसी में आते हैं। जिन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद कानपुर व सैफई रेफर कर दिया जाता है।
कॉर्डियोलॉजिस्ट की उपलब्धता हो तो हृदय संबंधी सामान्य मरीजों के साथ हार्ट अटैक के मरीजों को भी प्राथमिक उपचार बेहतर मिलने लग जाएगा, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस व्यवस्था अभी तक जिले में नहीं बनाई जा सकी है। बुजुर्गों के साथ-साथ इन दिनों युवाओं में भी हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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हालांकि जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर शासन से मांग की जा चुकी है। मेडिकल कॉलेज में भी रिक्त पदों पर भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यह देखने लायक होगा कि हृदय संबंधी समस्या को लेकर जिले में कब तक डॉक्टर की तैनाती होगी।
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बोले मरीज -
डॉक्टर ने सैफई जाने की सलाह दी
फोटो-22एयूआरपी 08- आनंद कुमार। संवाद
ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने लगता है। ऐसे में हृदय में उथल पुथल महसूस होती है। सांस भी फूलने लगती है। जिला अस्पताल आए थे। यहां हृदय संबंधी समस्या के उपचार को लेकर सैफई जाने की सलाह दी गई है।- आनंद, निवासी मुढ़ी
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मां को हृदयरोग है, अब कानपुर दिखाना पड़ेगा
फोटो-22एयूआरपी 09- रिंकी। संवाद
‘हृदय संबंधी दिक्कत को लेकर बूढ़ी मां को समस्या है। ऐसे में जिला अस्पताल लेकर आए हैं। यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टर न होने पर अब कानपुर जाना पड़ेगा।’-रिंकी, निवासी कटरा
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वर्जन
मेडिकल कॉलेज के 23 विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों व फिजीशियन की तैनाती कराई जा रही है। ऐसे में निकट भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती भी हो सकती है।
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-डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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