इरादे जिनके फौलादी, आदत जिनकी तूफानी... यह कहावत तीन दिन से ककोर मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठे 82 वर्षीय विकलांग वृद्ध पर सटीक बैठती है। पीड़ित अपनों के द्वारा प्लाट व मकान हड़पे जाने से खफा होकर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
बिधूना के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी 82 वर्षीय रामरतन दोनों पैरों से विकलांग है। इसके प्लाट पर उसके सगे भाई छोटे उर्फ राम कुमार ने साथियों छंगे उर्फ चंद्रप्रकाश, पुतान, लंबरदार निवासीगण पसुआ तथा भतीजे रामानंद, शिवम ने कब्जा कर बेघर कर दिया है।
रामरतन बताते हैं कि न्याय की गुहार लेकर जब वह एसडीएम व थानाध्यक्ष बिधूना के पास पहुंचा तो उसकी एक न सुनी गई। जनता दिवस और तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर डीएम से न्याय दिलाने की गुहार लगाई। बावजूद इसके उसकी फरियाद को अनसुनी कर दिया। अब वह भूख हड़ताल पर बैठ गया है।
इस प्रकरण में पूर्व में भी तीन बार एसडीएम बिधूना से जांच कराई जा चुकी है। भाईयों का आपसी मामला है। जिसमें अन्य भाईयों ने अपना हिस्सा बेंच दिया है। जिस पर पीड़ित को लग रहा है कि उसका हिस्सा बेंचा है तो इसके लिए पुन: जांच कराने को अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी