औरैया। मानसून आने से पहले पालिका प्रशासन ने नालों और नालियों की सफाई तो शुरू करा दी, लेकिन शहर के नालों का पानी शहर से बाहर ले जाने वाले बड़े नाले के प्रस्ताव को अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस कारण बारिश के दिनों में शहर के लोगों को परेशानी हो सकती है।
उधर, अभी शहर का गंदा (सीवरेज नालों) पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है, जिससे यमुना दूषित हो रही है। हालांकि नगर पालिका ने इसके लिए करोड़ों रुपये के दो प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, इनकी संस्तुति मिलने के बाद समस्या से निजात मिलेगी।
लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले औरैया शहर में लंबे अर्से से जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम न होने से शहर के लोगों को हर साल बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। कई मोहल्ले जलमग्न हो जाते है। शहर के नालों की बात करें तो इनकी संख्या लगभग 22 है, लेकिन इन नालों को जोड़ते हुए ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है। वर्ष 2019 में लगभग ढाई किलोमीटर नाला निर्माण के लिए 19 करोड़ 40 लाख का प्रस्ताव बनाया गया था।
इस नाले के निर्माण से शहर के सभी नालों को जोड़ कर बीहड़ क्षेत्र तक ले जाना था। 15वें वित्त से नगर पालिका ने बायोरेमेडिएशन (सूक्ष्म जीवों) और फाइटोरेमेडिएशन (पौधों) की तकनीकी के जरिए पानी को शुद्ध कर यमुना में डालने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। दोनों प्रोजेक्ट की अनुमति मिलने के बाद शहर के पानी को ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध कर यमुना में डाला जाएगा। अभी तक सीवरेज का पानी सीधे यमुना में जा रहा है, जिससे यमुना दूषित हो रही है।
बता दें कि नगर पालिका के प्रोजेक्ट को तत्कालीन जिलाधिकारी के रुचि न लेने पर यह फाइल शासन तक नहीं पहुंच सकी। उधर, मामले की जानकारी होने पर डीएम पीसी श्रीवास्तव ने ईओ को तलब करके एस्टीमेट देखा, जिसमें कई खामियां होने का जिक्र करते हुए फिर से एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। सीएंडडीएस ने फिर से लगभग ढाई किलोमीटर के नाले का रिवाइज एस्टीमेट बनाकर पालिका को दे दिया है। डीएम के माध्यम से शासन को भेजे जाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
जलभराव से परेशान गोविंद नगर वासियों ने जताया आक्रोश
शहर में दिबियापुर रोड पर भारतीय विद्यालय इंटर कॉलेज के पास गोविंद नगर मोहल्ले में प्रतिदिन गली में नाली का गंदा पानी भर जाने से लोगों सड़क पर भरे दूषित पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। मोहल्ले के लोगों ने इस बावत पालिका प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया है।
शहर की जलनिकासी के लिए तीन साल पहले तैयार किए एस्टीमेट को सीएंडडीएस ने रिवाइज करके 20 करोड़ 91 लाख रुपये का तैयार किया है। एस्टीमेट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने पर इस दिशा में आगे काम शुरू होगा। -पीपी सिंह, जेई नगर पालिका परिषद, औरैया।
फोटो25एयूआरपी 17- गोविंद नगर मोहल्ले में सफाई न होने से नाली में भरी गंदगी में जमा काई। संवाद- फोटो : AURAIYA