अजीतमल। कस्बे के अंदर स्थित रोडवेज बस अड्डा दिखावा बनकर रह गया है। न तो यहां बसें आती हैं न ही यहां सवारियां पहुंचती हैं। पीने के पानी और लाइट की व्यवस्था भी नहीं है।
दिल्ली, इटावा और कानपुर से आने वाली रोडवेज बसें हाईवे से ही होकर गुजर जाती हैं। रोडवेज स्टैंड तक बसें नहीं आती हैं। इससे लोगों को परेशानी होती है। स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहता है।
बस स्टैंड में बड़े परिसर के साथ अच्छी बिल्डिंग भी खड़ी है। इसमें यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए कमरे भी बने हैं, लेकिन उसका अब तक कोई उपयोग नहीं हो सका है। परिसर में यात्रियों की सुविधा के नाम पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइटों की व्यवस्था है। परिसर में लगा हैंडपंप भी वर्षाें से सूखा पड़ा है।
कस्बे में बस अड्डा होने के बावजूद बसों का संचालन हाईवे से होता है। औरैया डिपो की जो कुछ बसें कस्बे के अंदर से होकर गुजरती भी हैं, वह बस अड्डे के बाहर से ही गुजर जाती हैं, जिससे कोई भी यात्री बस अड्डे का सदुपयोग नहीं कर पाता है। सवारियों को हाईवे पर जाकर बस पकड़नी पड़ती है। इससे क्षेत्र के लोगों को लंबे रूट की यात्रा करने में काफी समस्या आ रही है।
क्षेत्र के लोगों ने कई बार आंदोलन चलाया, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते और चालक-परिचालकों की मनमर्जी के चलते पूरे दिन में सिर्फ कुछ ही बसें कस्बे के अंदर से गुजर रही हैं। बसों का संचालन होने लगे तो कस्बा बाबरपुर-अजीतमल सहित कस्बा अटसू, बल्लापुर, बिरूहूनी, वरीपुरा, जगन्नाथपुर, सॉफर, सैदपुर सहित आसपास क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को यात्रा करना आसान हो जाएगा।
बाबरपुर रोडवेज समस्या समिति के सदस्य विशाल गुप्ता व अन्य पदाधिकारियों ने बसों के संचालन के लिए विधायक सहित तहसील दिवस, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायती पत्र भेजा है।
अधिकारियों का दावा चार कर्मचारी, मौके पर सिर्फ एक
अधिकारियों के अनुसार बस अड्डे पर चार कर्मचारियों की तैनाती है। सभी बसों को अंदर से गुजरने के लिए कहा गया है, लेकिन मौके पर मौजूद सिर्फ एक ही कर्मचारी मिलता है। जिसका काम सिर्फ बसों की रजिस्टर पर इंट्री करना है। बताया जा रहा है कि सिर्फ पांच से 10 बसें बस अड्डे से होकर के गुजरती हैं। बाकी सभी बसें हाईवे से निकल जाती हैं।
अजीतमल के बस स्टैंड के लिए पानी के लिए घड़ा रखवाया गया है। नगर पंचायत प्रशासन से बात की गई है, उन्होंने वाटर कूलर लगवाने जाने का आश्वासन दिया है। बसों को बस स्टैंड से ही होकर जाने का निर्देश हैं।
-अर्पणा मीनाक्षी, एआरएम औरैया डिपो