औरैया। जिले की ग्रामीण महिलाओं व बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनएलआरएम) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। मिशन के तहत 35 ग्रामीण महिलाओं का चयन कर उनका कौशल विकास कराया जाएगा। यह पहल न सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित है, बल्कि महिलाओं को 15,000 रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने की गारंटी भी इसके साथ जुड़ी है।
चयनित महिलाओं को वर्तमान रोजगार बाजार की मांग को देखते हुए कस्टमर सपोर्ट, हेल्थ केयर, बीपीओ और ऑटोमोटिव सेल्स एग्जीक्यूटिव जैसे सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञ ट्रेनरों द्वारा यह प्रशिक्षण कराया जाएगा, जिसमें संचार कौशल, कंप्यूटर बेसिक्स, पेशेवर व्यवहार, फील्ड नॉलेज और इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स को शामिल किया जाएगा।
एनएलआरएम की टीम ने बताया कि यह प्रशिक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। मिशन ने दावा किया है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 35 महिलाओं को 15 हजार रुपये प्रति माह की न्यूनतम आय वाले पद पर नियुक्ति करवाई जाएगी। इसके लिए कई कंपनियों और सेवा प्रदाताओं से समझौते किए जा चुके हैं।
महिलाओं के चयन की प्रक्रिया गांव-स्तर पर शुरू हो चुकी है। ग्राम संगठन और स्वयं सहायता समूहों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें पात्र महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं में खासा उत्साह दिख रहा है। कई महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवेदन कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक,यह बैच सिर्फ शुरुआत है। जिले में मांग और रुचि को देखते हुए आगे और बैच चलाने की तैयारी भी है। लक्ष्य है कि जिले की हर वह महिला, जो काम करना चाहती है, उसे कौशल विकास और रोजगार दोनों उपलब्ध हों।
इस कार्यक्रम को ग्रामीण स्तर पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कहा कि यह मौका न सिर्फ उनकी जिंदगी सुधार सकता है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूत करेगा।
योजना के तहत 35 महिलाओं को ट्रेनिंग के लिए चयनित किया जाना है। कई को चयनित कर लिया गया है। दिसंबर के पहले सप्ताह में इस बैच का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। जो महिलाएं इसके लिए आवेदन करना चाहती हैं। कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं।
- मुशीर अहमद, ब्लॉक मिशन मैनेजर