अक्सर ट्रेनों में स्टंटमैन की तरह चढ़ने और उतरने वाले यात्री दिख जाते हैं। ऐसे मामलों में प्राय: देखा जाता है कि चढ़ती ट्रेन में चढ़ने एवं उतरने की कोशिश करने वाले लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।
रेलकर्मियों का कहना है कि यात्रियों को इस दिशा में कई बार जागरूक किया गया, लेकिन यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।
यात्रियों द्वारा लापरवाही में चलती ट्रेन पर चढ़ने व उतरने की बानगी रेलवे स्टेशन पर देखने को अक्सर ही मिल जाती है। ट्रेनों के पायदान पर बैठकर यात्रा करना। चलती ट्रेनों में दौड़कर चढ़ना एवं उतरना, दरवाजे पर खड़े होकर स्टंट करना आदि लापरवाही यात्रियों की ओर से करना युवाओं की आदत में शुमार हो गया है।
यही लापरवाही जान पर भारी पड़ जाती है। यही नहीं कई बार महिला यात्री चलती ट्रेन में ट्रेन की गति की दिशा के विपरीत उतरने का प्रयास करती हैं और गिरकर चुटहिल हो जातीं हैं। दैनिक यात्री इस ओर खासी लापरवाही बरतते दिखाई देते हैं।
यह है नियम- कोच के पायदान पर यात्रा करने पर आरपीएफ द्वारा रेलवे एक्ट की धारा 156 में यात्री को निरुद्ध कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है। मजिस्ट्रेट की ओर से 500 रुपये जुर्माना या तीन माह के कारावास या फिर दोनों की सजा सुनाई जा सकती है।