चैत्र नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में हवन-पूजन के साथ नवरात्र की शुरुआत हुई। मंदिरों में भक्तों का देर रात तक रेला लगा रहा। मंदिरों में सुबह से देवी गीत गूंजने लगे। घंटा, घड़ियाल की आवाज सुनाई देने लगी। श्रद्धालुआें ने मां शैलपुत्री को मनाने को पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
शनिवार से शुरु हुए चैत्र के नवरात्र के पहले दिन काली माता मंदिर, फूलमती मंदिर, मंगला काली मंदिर, बड़ी माता मंदिर, शीतला माता मंदिर समेत दर्जनाें मंदिरों पर भक्तों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। चारों ओर घंटा घड़ियाल की गूंज सुनाई देती रही।
मां शैलपुत्री को मनाने को मंदिरों में देवी गीत, भजन संध्या एवं जगराता का आयोजन किया जा रहा था। नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र को लेकर महिलाओं में अधिक उल्लास देखने को मिला। मां शैलपुत्री को मनाने के लिए मंदिरों में आरती व भजन संध्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए देवी गीत में मगन रहे।
सुबह से ही मंदिरों व घरों में देवी गीतों की सुर गुंजायमान होते रहे। देवी भक्तों ने अपने घरोें में पूजा करने के बाद मंदिरों में अपना माथा टेका। वहीं बीहड़ी क्षेत्र स्थित मां मंगलाकाली मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आ रहे थे। वहीं मां मंगलाकाली मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था।