अजीतमल। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना में आई बाढ़ अब घटने लगी है। बाढ़ प्रभावित गांवों से भी पानी निकल रहा है। इससे कुछ हद तक लोगों को सुकून मिला है।
वहीं, बाढ़ का पानी घटने के बाद फैली गंदगी, कीचड़, ढहे मकान और बर्बाद सामान लोगों को मायूस कर रहा है। बाढ़ उतरने के बाद रविवार को जहां यमुना का जलस्तर 114.63 मीटर था। वहीं सोमवार को यह 112.85 तक पहुंच गया। 24 घंटे में दो मीटर गिरावट दर्ज की गई। जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर से नीचे पहुंच गया है।
दो दिन से यमुना नदी का जलस्तर कम होने के चलते लोग अपने घरों की ओर लौटने का मन बना रहे हैं, लेकिन हालात देख उनके आंसू निकल रहे हैं। कई जगह घर गिर चुके हैं। सिर्फ कीचड़ फैला है। ऐसे में लोग घरों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। वहीं प्रशासन ने पानी निकलने के बाद गांव में पड़ी सिल्ट व गंदगी हटाने के लिए कर्मचारियों को लगा दिया है।
वहीं, सिकरोड़ी में यमुना का पानी गांव में घुस गया था। जिससे लोग अपने अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थान पर पहुंच गए थे। जबकि बाढ़ का पानी गांव से निकल गया तो लोग अपने अपने घरों को लौटने लगे है, लेकिन बाढ़ के पानी एवं बारिश के चलते गांव में लोगों के घर गिरना शुरू हो गए है।
गांव के निवासी गंगाराम ने बताया कि उनका घर ऊंचे पर बना है, लेकिन कच्चा है। इसमें वह अपने पांच भाइयों के साथ रहते थे, बाढ़ के चलते पूरा मकान भरभरा कर गिर गया। परिवार दूसरे के घरों में रहने को मजबूर है। वहीं गांव में राजू के मकान के सामने छप्पर रखा था। बाढ़ की चपेट में आकर वह गिर गया। वहीं उनके चबूतरे की मिट्टी भी बाढ़ में बह गई है।
बाढ़ का पानी निकलने के बाद सिकरोड़ी गांव की सड़कों पर जहां सिल्ट जमा हो गई है। वहीं प्राथमिक विद्यालय के सामने सड़क पर ही सड़क धंस गई है। यहां बड़ा गड्ढा हो गया है। जोकि खतरे का संकेत है।
गौहानी कलां गांव में भरा पानी, चल रहीं नाव
यमुना का जलस्तर कम होने के बाद भी अभी तक गौहानी कलां गांव का रास्ता नहीं खुला है, अभी तक पानी भरा है। यहां पर विद्यालय के अध्यापक व कर्मचारी समेत गांव के लोग सोमवार को भी नाव पर सवार होकर के गौहानी कलां गांव पहुंचे। प्रशासन की ओर से गांव में खाने के पैकेट भेजे जा रहे हैं। सिकरोड़ी में यमुना नदी किनारे श्मशान घाट अभी भी पानी में डूबा है।
स्कूल में पढ़ाई शुरू, पहले दिन पहुंचे सात बच्चे
अजीतमल। यमुना के किनारे बसे गांव सिकरोड़ी में यमुना का जलस्तर कम होने के बाद गांव से पानी निकल गया है। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय सिकरोड़ी की प्रधानाध्यापक शीलू मिश्रा ने स्कूल में पहुंचकर परिसर में फैली सिल्ट को साफ कराया।
कमरों की साफ-सफाई कराई गई। इसके बाद पढ़ाई शुरू हुई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन सात बच्चे ही स्कूल आए हैं। (संवाद)
20 गांवों के लोगों की 270 हेक्टेयर फसल नष्ट
अजीतमल। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर जहां नदी के किनारे बसे गांवों पर संकट आ गया था। वहीं गांवों के लोगों की फसलें भी पूरी तरह नष्ट हो गई है।
तहसील क्षेत्र में यमुना के किनारे बसे गांव बड़ैरा, सिकरोड़ी, जाजपुर, गौहानी कलां, जुहीखा, असेवटा, गूंज, ततारपुर, बरदौली, बीसलपुर आदि करीब 20 गांवों के लोगों की करीब 270 हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई है।
एसडीएम अजीतमल निखिल राजपूत ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल एवं कानूनगो को फसलों के नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही किसानों को मुआवजा देने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। (संवाद)