औरैया। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की तैयारियों के चलते मुख्यमंत्री ने विधायक और मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्राथमिक व सामुदायिक केंद्रों को गोद लेने और वहां व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाने की पहल करने की बात कही थी। इसके बाद भी बिधूना और दिबियापुर के विधायकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। सांसद इटावा ने अछल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को गोद ले लिया है। वह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निधि खर्च करने की बात भी कह रहे हैं।
सूबे के मुख्यमंत्री के फरमानों का दिबियापुर विधायक/मंत्री लाखन सिंह राजपूत और बिधूना विधायक विनय शाक्य पर कोई असर नहीं है। अस्पतालों को गोद लेने के लिए अभी तक दोनों जनप्रतिनिधियों ने पहल नहीं की है। इनकी मंशा से क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना एक सपना बन कर रह गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आस जगी थी कि शायद माननीय जल्द अस्पतालों को गोद ले और मूलभूत सुविधाएं दूर हो सकें। राज्यमंत्री मंत्रालय से जूड़ी बैठकों में व्यस्तता के चलते इससे बचने का प्रयास कर रहे हैं। तो बिधूना विधायक इस संबंध में शासनादेश का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इनके गोद न लेने का कारण कुछ और ही कहना शुरू कर दिया है।
औरैया जिले से भी एक अस्पताल गोद लेना था। इसमें अछल्दा सीएचसी को गोद लिया है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिन व्यवस्थाओं की वहां जरूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही जिले के अधिकारियों से विस्तार से चर्चा होगी। डा. रामशंकर कठेरिया, सांसद इटावा लोकसभा।
अभी तक कोई पत्र अस्पताल के गोद लेने के संबंध में शासन से प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलते ही बेला या बिधूना के किसी एक अस्पताल को गोद लिया जाएगा और वहां पर व्यवस्थाओं को शासन के निर्देश पर ही दी जाने वाली गाइड लाइनों के अनुसार दुरुस्त कराया जाएगा।- विनय शाक्य, विधायक, बिधूना
मंत्रालय से जुड़ी विभागीय बैठकों में व्यस्त होने के कारण अभी सीएचसी-पीएचसी को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। विभागीय बैठकों के बाद मुख्यमंत्री के आदेशानुसार अस्पतालों को गोद लिया जाएगा। - लाखन सिंह राजपूत, विधायक दिबियापुर एवं कृषि राज्य मंत्री